जबलपुर में साइबर ठगों ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर एक वृद्ध दंपती, प्रकाश पॉल शेजवाल (75) और उनकी पत्नी डोरा शेजवाल, से 22 लाख रुपये की ठगी की। ठगों ने दंपती को मनी लॉन्ड्रिंग और ड्रग्स केस में फंसाने का झांसा दिया और छह दिन तक ‘डिजिटल अरेस्ट’ में रखा। इस दौरान, 21 लाख रुपये की एफडी तुड़वाकर आरटीजीएस के माध्यम से और 98,999 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करवाए गए। पीड़ित ने सिविल लाइंस थाने में शिकायत दर्ज कराई है, और पुलिस आरोपितों की पहचान में जुटी है।
इंदौर में आयोजित उच्चस्तरीय डीजीपी कॉन्फ्रेंस में ड्रग्स कारोबार, अंतरराज्यीय साइबर अपराध और महिला सुरक्षा जैसे गंभीर मुद्दों पर अहम फैसले लिए गए। मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस महानिदेशकों ने अपराधियों को राज्यों की सीमा का फायदा नहीं उठाने देने की संयुक्त रणनीति बनाई। बैठक में राजस्थान-मध्य प्रदेश ड्रग्स नेटवर्क ध्वस्त करने, फरार अपराधियों पर संयुक्त शिकंजा कसने और साइबर फ्रॉड के मामलों में समन्वय बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।
जबलपुर में साइबर ठगी के तीन नए मामले सामने आए हैं, जिनमें पीड़ितों से कुल 15 लाख 98 हजार रुपये की धोखाधड़ी की गई। पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और लोगों को अज्ञात लिंक व संदिग्ध ऐप्स से सावधान रहने की सलाह दी है। स्टेट बैंक कॉलोनी निवासी सोनाली सेठिया से 15 लाख रुपये, शक्तिनगर निवासी विनायक से 28 हजार रुपये और एकता विहार कॉलोनी निवासी मधुलिका सिंह चौहान से 70 हजार रुपये की ठगी हुई है। इन मामलों में धमकी भरे संदेश, ऐप डाउनलोड और ‘हाय’ मैसेज का उपयोग किया गया।
महाराष्ट्र के 20 वर्षीय एक उभरते क्रिकेटर बेंगलुरु में हनीट्रैप का शिकार हो गए। राष्ट्रीय टूर्नामेंट के लिए आए इस खिलाड़ी को डेटिंग ऐप के माध्यम से संपर्क में आई एक महिला ने व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर आपत्तिजनक वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। इसके बाद वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर उनसे रंगदारी मांगी गई। शुरुआती 1500 रुपये देने के बाद भी धमकियां जारी रहीं, जिसके बाद क्रिकेटर ने दोस्तों की सलाह पर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, जबकि आरोपी फरार हैं।