जबलपुर में बरगी डैम क्रूज हादसे की जांच कर रहे एकल सदस्यीय आयोग ने क्रूज का मलबा संरक्षित कराया है। हाई कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति संजय द्विवेदी की अध्यक्षता में यह आयोग हादसे की परिस्थितियों और कारणों की पड़ताल के लिए मलबे को महत्वपूर्ण साक्ष्य मान रहा है। आयोग ने हादसे से जुड़े अधिकारियों, प्रत्यक्षदर्शियों, प्रभावितों और बचाव कार्य से जुड़े लोगों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। मलबे से प्राप्त तथ्यों का मिलान बयानों और दस्तावेजी साक्ष्यों से किया जाएगा ताकि हादसे के कारणों पर निष्कर्ष तक पहुंचा जा सके।
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने दमोह के 2009 के हत्या मामले में पुलिस जांच और अभियोजन के साक्ष्यों पर गंभीर सवाल उठाते हुए दो भाइयों, तुलसीराम राजपाल और हरप्रसाद, की उम्रकैद की सजा रद्द कर उन्हें बरी कर दिया। जिला अदालत ने 29 जून 2012 को उन्हें दोषी ठहराया था, जिसके बाद उन्होंने लगभग 17 साल जेल में बिताए। न्यायालय ने प्राथमिकी की विश्वसनीयता, कथित हत्यारे चाकू पर खून के निशान न होने, प्रत्यक्षदर्शियों के देरी से दर्ज बयानों और मृत्यु के समय को लेकर विरोधाभासी साक्ष्यों को आधार बनाया। न्यायालय ने कहा कि संदेहास्पद और विरोधाभासी साक्ष्यों पर दोषसिद्धि कायम नहीं रखी जा सकती।
पलक काशिव हत्याकांड के आरोपी मयंक शाक्य को गुरुवार को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया। पुलिस ने आरोपी को रिंग रोड ले जाकर जले हुए कपड़े और पेट्रोल का डिब्बा जब्त किया। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसने शादी से इनकार करने पर 26 वर्षीय पलक की मुंह दबाकर हत्या कर दी थी और फिर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। उसने मोबाइल भी स्विच ऑफ कर घर में छुपाया था। मयंक और पलक की दोस्ती सिंगिंग एप ‘स्टार मेकर्स’ पर हुई थी। पलक बैंक में नौकरी करती थी।