क्यूआरएफ जवानों ने सागर के मकरोनिया-गुड़ा रेलवे फाटक के पास एक बड़ी रेल दुर्घटना को टाल दिया। रविवार को ट्रेन आने से ठीक पहले एक मालवाहक ट्रक रेलवे ट्रैक के बीच बंद हो गया था। 10वीं वाहिनी विशेष सशस्त्र बल (क्यूआरएफ) की एसएएएफ कंपनी के जवान वहां से गुजर रहे थे और उन्होंने स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए तत्काल कार्रवाई की। जवानों ने एकजुट होकर भारी-भरकम ट्रक को धक्का देकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया, जिससे रेलवे ट्रैक खाली हो गया और ट्रेन के आने से पहले हादसा टल गया। इस कार्रवाई में कोई जनहानि नहीं हुई।
सागर जिले के बंडा नगर के देवपुरा वार्ड में पति-पत्नी के बीच हुए विवाद के दौरान तीन वर्षीय मासूम गौरव की दर्दनाक मृत्यु हो गई। पुलिस के अनुसार, आरोपी पिता पवन लोधी शराब के नशे में अपनी पत्नी से मारपीट कर रहा था, उसी दौरान वह पास सो रहे अपने बेटे गौरव पर गिर गया। उसके भारी वजन और घुटने के दबाव से बच्चे को गंभीर चोटें आईं और उसकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। पुलिस ने आरोपी पिता को हिरासत में ले लिया है और बच्चे के शव का पोस्टमार्टम कराया है। मामले की जांच जारी है।
सागर में डॉक्टरों की सतर्कता से एक युवक को मिलावटी घी बेचते हुए पकड़ा गया। मोतीनगर स्थित शासकीय पशु चिकित्सालय में जितेंद्र घोषी नामक युवक 400 रुपये प्रति किलो में घी बेचने पहुंचा था। डॉ. अनुज शर्मा ने घी की गुणवत्ता संदिग्ध पाई और पुलिस को सूचित किया। खाद्य विभाग ने घी के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे हैं। अस्पताल कर्मचारी ने आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें पहले भी 600 रुपये प्रति किलो में संदिग्ध घी बेचने और मिलावट की आशंका का जिक्र है। शिकायत में सख्त कार्रवाई और राशि वापसी की मांग की गई है। भोपाल में ब्रांडेड घी के नमूनों में भी गड़बड़ी पाई गई है।
सागर के महाराजपुर थाना क्षेत्र में फ्रेंडशिप-डे मनाने गए 12वीं के छात्र ललित साहू की घोघरा जलप्रपात में डूबने से मौत हो गई। रविवार दोपहर छह दोस्त जलप्रपात देखने और नहाने पहुंचे थे। ललित, जो तैरना नहीं जानता था, अपने एक साथी केशव रजक के साथ गहरे कुंड में डूबने लगा। साथियों ने केशव को बचा लिया, लेकिन ललित गहरे पानी में समा गया। महाराजपुर पुलिस ने ग्रामीणों और गोताखोरों की मदद से करीब दो घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद ललित का शव पत्थरों के बीच से बरामद किया। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
मध्य प्रदेश के सागर जिले के देवरी स्थित सिंगपुर गंजन के राजा बाबा जंगल में कीमती पत्थर मिलने की अफवाह के बाद करीब दो हजार ग्रामीण खुदाई करने पहुंच गए। शनिवार को पुलिस टीम ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, जिस पर ग्रामीणों ने पथराव कर दिया। इस घटना में एक प्रधान आरक्षक घायल हो गया और पुलिस वाहन का शीशा टूट गया। गांव के सरपंच ने बताया कि पिछले 10 दिनों से विभिन्न गांवों से लोग आकर यहां खुदाई कर रहे हैं, ऐसी अफवाह है कि बहुमूल्य पत्थर और प्राचीन सामग्रियां मिल रही हैं।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) सागर के पूर्व क्षेत्रीय आयुक्त सतीश कुमार को बीड़ी कारोबारी से पांच लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में विशेष अदालत ने दोषी ठहराया है। अदालत ने उन्हें पांच वर्ष के सश्रम कारावास और पांच लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। यह मामला 2022 का है जब ईओडब्ल्यू ने उन्हें 5 लाख रुपये की पहली किश्त लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। अदालत ने भ्रष्टाचार पर सख्त टिप्पणी करते हुए आरोपी की बीमारी और पारिवारिक परिस्थितियों के आधार पर सजा में राहत देने की मांग खारिज कर दी।
सागर के विशेष न्यायालय (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) ने चार वर्ष पुराने 5 लाख रुपये रिश्वत प्रकरण में तत्कालीन क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त (ईपीएफओ) सतीश कुमार को दोषी ठहराया है। न्यायालय ने उन्हें पांच वर्ष के सश्रम कारावास और पांच लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। यह मामला जून 2022 का है, जब ईओडब्ल्यू सागर ने सतीश कुमार को उनके सिविल लाइन स्थित सरकारी आवास पर 5 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। जांच में पता चला था कि बीड़ी निर्माता फर्म के संचालक से कुल 10 लाख रुपये की रिश्वत पीएफ अनियमितताओं पर कार्रवाई न करने के बदले मांगी गई थी।
सागर में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के विशेष न्यायालय ने ईपीएफओ के तत्कालीन क्षेत्रीय आयुक्त सतीश कुमार को रिश्वतखोरी का दोषी ठहराया है। न्यायालय ने उन्हें गिरफ्तार कर पेश करने के लिए वारंट जारी किया है और सजा पर फैसला 30 जुलाई को सुनाया जाएगा। यह मामला जून 2022 का है जब ईओडब्ल्यू सागर ने सतीश कुमार को एक बीड़ी निर्माता फर्म से कथित अनियमितताओं को दबाने के लिए 5 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। कुल 10 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की गई थी।
भोपाल-सागर राष्ट्रीय राजमार्ग-146 पर आलमपुर के पास निर्माणाधीन सड़क पहली ही बारिश में धंस गई और पुलिया बह गई। इससे मार्ग पर लंबा जाम लग गया, जिससे वाहनों की कतारें लग गईं और यात्री घंटों फंसे रहे। सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठे हैं। कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा ने मौके का जायजा लेकर एमपीआरडीसी अधिकारियों को तत्काल मरम्मत और जांच के निर्देश दिए। स्थानीय लोगों ने निर्माण में लापरवाही की उच्च स्तरीय जांच और कार्रवाई की मांग की है।