फेमिना मिस इंडिया वर्ल्ड 2024 निकिता पोरवाल वियतनाम में 73वीं मिस वर्ल्ड प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। उज्जैन में जन्मी निकिता मध्य प्रदेश की पहली मिस इंडिया हैं। वह एक अभिनेत्री, लेखिका और थिएटर कलाकार भी हैं, जिन्होंने आठ साल की उम्र में पहली किताब लिखी थी। निकिता आदिवासी महिलाओं और बच्चों के जीवन पर केंद्रित सामाजिक कार्य भी करती हैं। प्रतियोगिता 9 अगस्त से वियतनाम में शुरू हो चुकी है, और ग्रैंड फिनाले 5 सितंबर 2026 को होगा। देश को निकिता से उम्मीदें हैं कि वह 2017 के बाद एक बार फिर मिस वर्ल्ड का ताज भारत लाएंगी।
रायसेन जिले के दीवानगंज निवासी मोहम्मद फैजान को जनवरी 2026 में ओमान में मस्जिद में इमामत कराने का झांसा देकर एक एजेंट ने ₹2 लाख लिए। मस्कट पहुंचने पर उन्हें 40 कमरों वाले मिनिस्ट्री ऑफिस में शौचालय साफ करने और बर्तन धोने जैसे काम में लगा दिया गया। 14-15 घंटे काम करने के बावजूद उन्हें वेतन नहीं मिला और कई दिन भूखा रहना पड़ा। भोपाल के सामाजिक कार्यकर्ता सैयद आबिद हुसैन की पहल और भारतीय दूतावास के हस्तक्षेप के बाद ढाई महीने की प्रताड़ना के बाद 30 जुलाई 2026 को उनकी सुरक्षित वतन वापसी हुई।
गंजबासौदा के पड़रिया शिवरामपुर में एक पिता ने शराब के नशे में अपने 10 वर्षीय बेटे के हाथ-पैर बांधकर उसे मोटरसाइकिल से घसीटा, जिससे बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया। ग्रामीणों ने बच्चे को बचाया और सरपंच ने उसे अस्पताल पहुंचाया। इस घटना के बाद बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) ने पीड़ित बच्चे और उसके तीन भाई-बहनों को सुरक्षित आश्रय के लिए भोपाल स्थित बाल गृह भेज दिया है। आरोपी पिता के खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम सहित अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है। ग्रामीणों ने आरोपी के नशे की आदत और पूर्व में बच्चों के साथ मारपीट का आरोप लगाया है।
सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपने नवीनतम वीडियो संदेश में भारतीय रेलवे की सराहना की और परीक्षा सुधार विधेयक पर प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सुधार केवल परीक्षाओं तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि पूरी शिक्षा व्यवस्था में बदलाव होना चाहिए। वांगचुक ने दिल्ली से श्रीनगर के लिए वंदे भारत सेवा के अपने अनुभव को ‘खूबसूरत’ बताया और भारतीय रेलवे पर गर्व व्यक्त किया। उन्होंने सरकार से सीजेपी के साथ हुए समझौते का पालन करने का भी आग्रह किया, जिसमें प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई न करने की बात थी।