बालाघाट में एक परिवार का दावा है कि 1962 भारत-चीन युद्ध के दौरान बंदी बनाए गए एक चीनी सैनिक ने भारत में निवास कर एक भारतीय महिला से विवाह किया था। अब उनकी तीसरी पीढ़ी को पिता की नागरिकता और जाति संबंधी नियमों के कारण जाति प्रमाण पत्र प्राप्त करने में कठिनाई हो रही है। तिरोड़ी गांव के विष्णु वांग के अनुसार, उनके पिता चीनी सेना के सैनिक थे जिन्हें युद्धबंदी बनाया गया और लगभग सात साल तक विभिन्न भारतीय जेलों में रखा गया था। सजा पूरी होने के बाद उन्हें भारत में रहने की अनुमति मिली, जहाँ उन्होंने परिवार बसाया।
बुरहानपुर में तहसील कार्यालय के भृत्य दिनेश पाटिल ने सोमवार दोपहर कीटनाशक पी लिया, जिसकी उपचार के दौरान जिला अस्पताल में मौत हो गई। सहकर्मियों ने बताया कि उस पर काफी कर्ज था, हालांकि आत्महत्या का स्पष्ट कारण अभी ज्ञात नहीं है और पुलिस मामले की जांच कर रही है। दो दिन पहले भी एक सरपंच ने कीटनाशक पीकर आत्महत्या का प्रयास किया था। बाजार में कीटनाशकों की आसान उपलब्धता और उनके विक्रय को लेकर दिशानिर्देशों का अभाव ऐसे मामलों की मुख्य वजह बताई जा रही है।
भोपाल के ‘अपना घर’ वृद्धाश्रम में 70 वर्षीय घनश्याम का 4 अगस्त को निधन हो गया। उनके शव को दो दिन तक परिवार के आने के इंतजार में रखा गया, लेकिन कोई परिजन अंतिम संस्कार के लिए नहीं पहुंचा। अंततः आश्रम प्रबंधन ने पुलिस की सहायता से उनका अंतिम संस्कार कराया। घनश्याम के दो बेटे और दो बेटियां हैं। एक बेटी ने संपत्ति न मिलने का हवाला देकर अंतिम संस्कार में शामिल होने से मना कर दिया। बाद में परिवार ने मृत्यु प्रमाण पत्र की मांग की, जिस पर आश्रम संचालिका ने नाराजगी जताई। घनश्याम को चार साल पहले परिवार द्वारा भोपाल में छोड़ दिया गया था।
मैहर जिले के अमुआ प्राथमिक विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक समय लाल कोल का एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें उनके नशे की हालत में स्कूल पहुंचने का दावा किया जा रहा है। उन पर बच्चों से स्कूल की सफाई कराने और दीवारों पर गुटखा थूकने के भी आरोप हैं। इस मामले में रामनगर विकासखंड अधिकारी राजेश द्विवेदी ने बताया कि शिक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया गया है और उनके निलंबन का प्रस्ताव जिला शिक्षा अधिकारी को भेजा गया है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और शिक्षक के पक्ष का इंतजार है।
पन्ना में दो मासूम बच्चे सड़क किनारे सपेरा बनकर अपनी जीविका चला रहे हैं। एक बच्चे के सामने टोकरी में काला नाग था, जिसे वह संभाल रहा था, जबकि दूसरा छोटा बच्चा देख रहा था। शिक्षा के अधिकार और सरकारी योजनाओं के बावजूद, गरीब परिवारों के ये बच्चे दो वक्त की रोटी के लिए जान जोखिम में डालकर यह काम कर रहे हैं। यह बाल श्रम और वन्य जीव संरक्षण कानूनों का उल्लंघन भी है। समाजसेवियों ने प्रशासन से इन बच्चों की पहचान कर उन्हें शिक्षा से जोड़ने और परिवारों को वैकल्पिक आजीविका प्रदान करने की मांग की है।
इंदौर में आयोजित वेस्ट जोन रीजनल कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन 9 अगस्त को बच्चों और बंदियों से जुड़े महत्वपूर्ण कानूनी एवं सामाजिक मुद्दों पर मंथन हुआ। दो तकनीकी सत्रों में बाल हितैषी न्याय व्यवस्था, बच्चों के संरक्षण एवं पुनर्वास, तथा बंदियों व उनके परिवारों के पुनर्समावेशन और न्याय तक पहुंच पर चर्चा की गई। सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस विक्रम नाथ ने सत्रों की अध्यक्षता की। भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि केवल कानून बनाने से न्याय नहीं मिलेगा, बल्कि न्याय व्यवस्था और जनता के बीच दूरी कम होनी चाहिए।
रतलाम जिले में 23 वर्षीय नवविवाहिता संध्या कुमारी की संदिग्ध मौत ने दलालों के माध्यम से होने वाले अंतरराज्यीय विवाहों के नेटवर्क पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस जांच में विवाह के लिए 2.60 लाख रुपये के भुगतान और बिचौलियों की भूमिका उजागर हुई है। मालवा-निमाड़ क्षेत्र में ऐसे विवाहों का चलन बढ़ा है, जहाँ दुल्हनें अक्सर शादी के कुछ समय बाद ही घर छोड़कर चली जाती हैं। शासकीय अधिवक्ता संजीव सिंह चौहान ने ऐसे मामलों में मानव तस्करी के पहलुओं की जांच की आवश्यकता पर बल दिया है। रतलाम रेंज के डीआईजी निमिष अग्रवाल ने दलालों के खिलाफ कार्रवाई और अंतरराज्यीय पुलिस सहयोग की बात कही है।
गुना में महिला सांस्कृतिक संगठन और छात्र संगठन डीएसओ ने कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन धरनावदा थाना क्षेत्र में बाइक सवार युवक-युवती के साथ हुई ज्यादती के विरोध में था, जहां युवक के साथ मारपीट कर युवती का तीन लोगों ने गैंगरेप किया और उसके प्राइवेट पार्ट में लकड़ी डाल दी। प्रदर्शनकारियों ने आरोपितों को उदाहरणमूलक सजा देने की मांग की। संगठन के सचिवों ने समाज में बढ़ती ऐसी घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए महिला सुरक्षा पर सवाल उठाए और शराब, नशा तथा अश्लीलता जैसे कारणों पर रोक लगाने की मांग की। ग्वालियर में भी एक युवती से दुष्कर्म की घटना सामने आई है।
ऑल इंडिया इमाम संगठन के मुख्य इमाम उमर अहमद इलियासी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों में अपशब्दों के इस्तेमाल की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का अपमान देश का भी अपमान है। इमाम इलियासी ने बताया कि पिछले एक महीने से चल रहे विरोध प्रदर्शनों में सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया और अमर्यादित भाषा का प्रयोग हुआ। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विरोध का अधिकार है, लेकिन यह शालीनता के दायरे में होना चाहिए। इमाम ने कहा कि पीएम मोदी को 37 देशों से सर्वोच्च नागरिक सम्मान मिले हैं, और उनका अपमान भारतीय संस्कृति के खिलाफ है।
जबलपुर विकासखंड की रीमा ग्राम पंचायत में सड़क न होने के कारण 11 वर्षीय माया मरावी के शव को हाथ ठेले पर ले जाना पड़ा। बच्ची का निधन मेडिकल कॉलेज जबलपुर में हुआ था। परिजन शव को निजी वाहन से गांव ला रहे थे, लेकिन कच्चा रास्ता कीचड़ में बदल जाने से वाहन फंस गया। ग्रामीणों ने बरगी नगर से हाथ ठेला मंगाकर शव को गांव तक पहुंचाया। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि गांव में पक्की सड़क नहीं है और हर बारिश में रास्ता दलदल बन जाता है, जिससे एम्बुलेंस भी नहीं आती। आक्रोशित ग्रामीणों ने तत्काल सर्व-मौसमी पक्की सड़क बनाने की मांग करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है।