मध्य प्रदेश में 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण मामले में हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान नया मोड़ आया है। सामान्य वर्ग के बाद अब अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग ने भी बढ़े हुए आरक्षण का विरोध किया है। एसटी पक्ष ने तर्क दिया कि इससे सामान्य मेरिट की सीटें कम होंगी और उनके अभ्यर्थियों के अवसर प्रभावित होंगे। हाई कोर्ट ने मौखिक रूप से पूछा कि जब एसटी की आरक्षित सीटें रिक्त रहती हैं, तो ओबीसी आरक्षण को भेदभाव कैसे माना जा सकता है। मामले की अगली सुनवाई 23 जुलाई को होगी।