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बैतूल जिला अस्पताल का 85 लाख का विश्रामालय लोकार्पण के 3 माह बाद भी बंद

बैतूल जिला अस्पताल में 84.98 लाख रुपये की लागत से निर्मित 30 बिस्तरों का विश्रामालय लोकार्पण के तीन माह बाद भी बंद है। मई में जनप्रतिनिधियों द्वारा लोकार्पित यह भवन मरीजों के स्वजन के लिए बनाया गया था, लेकिन संचालन प्रक्रिया स्पष्ट न होने के कारण इसका उपयोग शुरू नहीं हो पाया है। दूरदराज से आने वाले मरीजों के परिजन ठहरने की समस्या से जूझ रहे हैं और अस्पताल के बरामदों या फर्श पर रात बिताने को मजबूर हैं। आरएमओ डॉ. रानू वर्मा के अनुसार, संचालन के दिशा-निर्देशों का इंतजार है और कलेक्टर से मार्गदर्शन मांगा गया है।

इंदौर में सार्वजनिक परिवहन बदहाल: 36 ई-बसें संचालित, 24 डिपो में

इंदौर में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था अभी भी अपेक्षानुरूप स्तर तक नहीं पहुंच पाई है, जिसके कारण बड़ी संख्या में लोग निजी वाहनों का उपयोग करने को मजबूर हैं। प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत इंदौर में आधुनिक वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसें शुरू की गई हैं, लेकिन वर्तमान में केवल तीन रूटों पर 36 ई-बसें ही चल रही हैं, जबकि 24 डिपो में खड़ी हैं। आगामी चरण में 90 नई ई-बसें मिलने की उम्मीद है। शहर में 250 सिटी बसें, 40 आईबस, 12,226 ई-रिक्शा और 46,777 ऑटो रिक्शा संचालित होते हैं, लेकिन सभी में समय की गड़बड़ी, मनमाना किराया या अव्यवस्था जैसी समस्याएं बनी हुई हैं, जिससे यात्रियों को परेशानी हो रही है।

वार्ड-79 में कीचड़भरी सड़क दुरुस्त; पार्षद लक्ष्मी वर्मा बनीं ‘पब्लिक स्टार’

दैनिक भास्कर ऐप का ‘भास्कर समाधान’ मंच इंदौर में जनसमस्याओं के समाधान में प्रभावी साबित हो रहा है। वार्ड-79 में पार्षद लक्ष्मी संजय वर्मा ने जलभराव और कीचड़भरी सड़क की शिकायत पर तत्काल मरम्मत कराई, जिससे उन्हें ‘पब्लिक स्टार’ का दर्जा मिला। वहीं, वार्ड-57 के पार्षद सुरेश टाकलकर ने जेल रोड चौराहे पर टूटे सीवर चेंबर को दुरुस्त करवाया। हालांकि, सदर बाजार में टूटा सीवर चेंबर, एबी रोड पर अधूरा बस स्टॉप, करोल बाग की जर्जर सड़क और शिव शक्ति नगर में खुले ड्रेनेज चेंबर जैसी कई जनसमस्याएं अभी भी लंबित हैं, जिन पर कार्रवाई की प्रतीक्षा है। यह मंच नागरिकों और प्रशासन के बीच सीधा संवाद स्थापित करता है।

भोपाल में लाखों की लागत से निर्मित सार्वजनिक यूरिनल का रास्ता बंद

राजधानी भोपाल में विकास कार्यों में इंजीनियरिंग की खामियों के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। हाल ही में अवधपुरी क्षेत्र के विद्यासागर तिराहे पर लाखों की लागत से बने सार्वजनिक यूरिनल के चारों ओर तीन-चार फीट ऊंची दीवार खड़ी कर दी गई है, जिससे उसका प्रवेश मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अब यह यूरिनल अनुपयोगी हो गया है, जिससे निर्माण पर खर्च लाखों रुपये व्यर्थ हो गए हैं। नगर निगम के अधीक्षण यंत्री संतोष गुप्ता ने मामले की जानकारी न होने पर जांच का आश्वासन दिया है।