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सावन के दूसरे सोमवार पर ग्वालियर के शिवालयों में उमड़ी भीड़, कोटेश्वर महादेव में हुआ जलाभिषेक

सावन के दूसरे सोमवार को ग्वालियर के शिवालय ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गूंज उठे। प्राचीन कोटेश्वर महादेव मंदिर में तड़के से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी, जिन्होंने लंबी कतारों में लगकर भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक किया। भक्तों ने भोलेनाथ को जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और पुष्प अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। सिंधिया राजवंश से जुड़े इस मंदिर का ऐतिहासिक महत्व भी है, जिसके कारण सावन माह में ग्वालियर के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं।

सिंधिया राजघराने की 40 हजार करोड़ संपत्ति विवाद में कैविएट से बढ़ी जटिलता, आज अहम सुनवाई

ग्वालियर के सिंधिया राजघराने की लगभग 40 हजार करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति के विवाद में मंगलवार को जिला न्यायालय में महत्वपूर्ण सुनवाई होगी। इस सुनवाई में प्रस्तावित महासमझौते, उत्तराधिकार और ज्येष्ठाधिकार के कानूनी पहलुओं पर विचार किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की बड़ी बुआ की पुत्री प्रतिमा देवी ने कैविएट दायर कर मामले में नया कानूनी पेच डाल दिया है। उन्होंने अपने वैधानिक अधिकार प्रभावित होने का दावा करते हुए अपना पक्ष सुने बिना कोई अंतिम आदेश पारित न करने की मांग की है। विवादित संपत्तियों में जयविलास पैलेस प्रमुख है।

सिंधिया राजघराने की 40 हजार करोड़ संपत्ति विवाद में अहम सुनवाई, कोर्ट ने अगली तारीख 10 अक्टूबर 2026 तय की

ग्वालियर जिला न्यायालय में सिंधिया राजघराने की 40 हजार करोड़ रुपये की संपत्ति से जुड़े विवाद पर अहम सुनवाई हुई। यह सुनवाई दिवंगत पद्माराजे सिंधिया की बेटी प्रतिमा देवी द्वारा दायर कैविएट पर केंद्रित थी। कैविएट को निरस्त करने की मांग पर दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गईं। लगभग 1000 पन्नों का रिकॉर्ड पेश होने के बाद, न्यायालय ने विस्तृत अध्ययन के लिए पर्याप्त समय की आवश्यकता बताते हुए अगली सुनवाई 10 अक्टूबर 2026 के लिए निर्धारित कर दी। प्रतिमा देवी ने आपसी समझौते से होने वाले निपटारे में अपनी शाखा के वैधानिक अधिकारों पर विचार करने की मांग की है।

सिंधिया राजघराने के संपत्ति बंटवारे पर महा-समझौते की सुनवाई 27 जुलाई तक टली

ग्वालियर के सिंधिया परिवार की अरबों रुपये की विरासत के बंटवारे पर महा-समझौते की सुनवाई ग्वालियर जिला न्यायालय में 27 जुलाई तक टल गई है। सोमवार को अंतिम सहमति की उम्मीद थी, लेकिन बुआओं के दावों से जुड़े आवश्यक रिकॉर्ड उपलब्ध न होने के कारण सुनवाई आगे बढ़ा दी गई। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा पेश किए गए इस प्रस्ताव का उद्देश्य आपसी सहमति से संपत्ति विवाद को समाप्त करना है, जिसमें परिवार के कई सदस्य शामिल हैं। यदि समझौता मंजूर होता है, तो कई लंबित मुकदमे समाप्त हो जाएंगे।