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सीजेपी राजनीतिक दल नहीं, जन दबाव समूह के रूप में करेगा काम

छत्रपति संभाजीनगर में सीजेपी की कोर कमेटी की बैठक में यह निर्णय लिया गया कि संगठन राजनीतिक दल के रूप में नहीं, बल्कि जन दबाव समूह के तौर पर कार्य करेगा। संस्थापक अभिजीत दीपके ने लोकतांत्रिक संस्थाओं में घटते जनविश्वास को बहाल करने के लिए जनआंदोलन की आवश्यकता पर बल दिया। दिल्ली के जंतर-मंतर आंदोलन की सफलता के बाद, दो दिवसीय बैठक में देशभर के युवाओं के मुद्दों पर अगली रणनीति पर चर्चा हुई। संगठन का अगला फोकस छात्रों के मुद्दों के साथ-साथ इथेनॉल मिश्रित ई-20 पेट्रोल का विरोध हो सकता है। सीजेपी बृहस्पतिवार को अपनी अगली रणनीति का खुलासा करेगा।

कॉकरोच जनता पार्टी का दावा: सरकार प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मामले वापस लेगी

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने दावा किया है कि सरकार ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर वापस लेने का आश्वासन दिया है। संगठन के प्रवक्ता सौरभ दास ने बताया कि बिहार और असम के बाद अब राजस्थान में भी किसी तरह की कार्रवाई न करने की गारंटी मिली है। दिल्ली पुलिस के प्रतिनिधियों से हुई एक बैठक में यह भरोसा दिलाया गया। सीजेपी ने प्रदर्शनकारियों से संयम बनाए रखने की अपील की है और कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के लिए एक वेबसाइट शुरू करने की घोषणा की है, जिसमें राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने एक करोड़ रुपये की सहायता दी है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि वादे पूरे नहीं हुए तो वे फिर से आंदोलन करेंगे।

कपिल सिब्बल ने सीजेपी को एक करोड़ रुपये का योगदान दिया

देश के दिग्गज वकील कपिल सिब्बल ने सीजेपी को एक करोड़ रुपये का योगदान दिया है। यह राशि विरोध प्रदर्शनों के कारण कानूनी मामलों का सामना कर रहे छात्रों को कानूनी सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से दी गई है। सिब्बल ने सोमवार को इस आर्थिक सहायता की घोषणा की। सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने बताया कि केंद्र सरकार के आश्वासनों के बावजूद, देशभर में छात्रों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज होने की आशंका है, और सीजेपी ऐसे छात्रों के लिए कानूनी मदद हेतु सिब्बल के संपर्क में है।

नीट पेपर लीक: सीजेपी आंदोलन को उद्धव ठाकरे का समर्थन, शिक्षा मंत्री ने राहुल गांधी पर साधा निशाना

नीट पेपर लीक के बाद सोशल मीडिया पर शुरू हुई कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) मुहिम चार हफ्ते से अधिक समय से सुर्खियों में है। दिल्ली में सीजेपी के शांतिपूर्ण संसद मार्च पर पुलिस बल प्रयोग हुआ, जिसके बाद राहुल गांधी के नेतृत्व में भी प्रदर्शन हुए। विपक्ष सरकार पर जिम्मेदारी से भागने का आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री आवास तक पहुंचा। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने जंतर-मंतर पर सीजेपी आंदोलन को समर्थन दिया। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने भी प्रतिक्रिया दी।