केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने देश में मेडिकल सॉफ्टवेयर के सुरक्षित उपयोग के लिए मेडिकल डिवाइस सॉफ्टवेयर (एमडीएसडब्ल्यू) के लिए अंतिम दिशानिर्देश जारी किए हैं। ये दिशानिर्देश 21 जुलाई से लागू हो गए हैं। औषधि महानियंत्रक डॉ. राजीव रघुवंशी द्वारा जारी सर्कुलर में कहा गया है कि ये गाइडलाइंस मेडिकल डिवाइस नियम-2017 के तहत मेडिकल सॉफ्टवेयर से जुड़े नियमों को स्पष्ट करती हैं। इनमें सॉफ्टवेयर की श्रेणी, सुरक्षा, गुणवत्ता, जरूरी दस्तावेज और बाजार में आने के बाद उसकी निगरानी के नियम शामिल हैं। कंपनियों को मंजूरी के लिए आवेदन करते समय इनका पालन करना होगा।
भारत में संक्रामक रोगों के बचाव हेतु वैक्सीन विकास में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) ने वर्ष 2026 में पीला बुखार, रेबीज, चिकनगुनिया, एमएमआर और एमएमआरवी समेत पांच नई वैक्सीनों के क्लीनिकल ट्रायल को मंजूरी दी है। पीला बुखार, रेबीज और एमएमआर वैक्सीन फेज-3 ट्रायल तक पहुंच चुकी हैं, जबकि चिकनगुनिया और एमएमआरवी का फेज-1 परीक्षण शुरू होगा। यह देश में गंभीर संक्रामक बीमारियों से बचाव के लिए नई वैक्सीन विकसित करने की दिशा में सरकार का एक अहम कदम है।
राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) ने दवाओं की घटती उपलब्धता के कारण चार आवश्यक दवाओं की सीलिंग प्राइस में 50% तक की वृद्धि को मंजूरी दी है, ताकि मरीजों को ये जीवनरक्षक दवाएं लगातार मिलती रहें। प्राधिकरण ने तीन राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम से जुड़े टीकों की कीमतों को भी संशोधित किया है, जिनमें बीसीजी, मीजल्स-रूबेला और मीजल्स वैक्सीन शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की विशेषज्ञ समिति ने ब्रेस्ट कैंसर की दवा एनहर्टू के दो नए उपयोगों को मंजूरी देने की सिफारिश की है, जिससे उपचार के विकल्प बढ़ेंगे।