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सीहोर जिले में 24 घंटे में 3.96 इंच बारिश, नदी-नाले उफान पर, गांवों का संपर्क टूटा

सीहोर जिले में रविवार सुबह से सोमवार रात तक हुई मूसलाधार बारिश से नदी-नाले उफान पर आ गए, 24 घंटे में 3.96 इंच बारिश दर्ज की गई। कई गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से टूट गया और घरों-दुकानों में पानी घुसने से नुकसान हुआ। श्यामपुर क्षेत्र में बाढ़ जैसे हालात बने, जहां कुलांसी नदी उफान पर आने से एक दर्जन गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ। चरनाल गांव में बड़े नुकसान की आशंका है, जबकि सीहोर शहर में रिटर्निंग वाल ने बड़े जलभराव को रोका। प्रशासन ने स्कूलों की छुट्टी की घोषणा की है और लोगों से उफनती नदियों को पार न करने की अपील की है।

सीहोर में उफनते नाले के बीच एसडीआरएफ ने नाव से प्रसूता को पहुंचाया अस्पताल

सीहोर जिले के जामनी गांव में भारी बारिश के कारण उफनते नाले ने एंबुलेंस का रास्ता रोक दिया। ऐसे में एसडीआरएफ टीम ने नाव की मदद से एक प्रसूता को सुरक्षित बाहर निकालकर एंबुलेंस तक पहुंचाया, जिसके बाद उसे जिला चिकित्सालय सीहोर में भर्ती कराया गया। यह घटना जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच हुई, जहाँ पिछले 24 घंटों में औसतन 3.96 इंच वर्षा दर्ज की गई। श्यामपुर तहसील में सर्वाधिक 8.27 इंच बारिश हुई। कई नदी-नाले उफान पर हैं और निचले इलाकों में जलभराव से लोग परेशान हैं, जिस पर प्रशासन नजर रख रहा है।

सीहोर के किसानों ने बिजली समस्याओं पर पेड़ों पर टांगे अफसरों के पुतले

सीहोर जिले के किसानों ने बिजली संबंधी समस्याओं को लेकर सोमवार को अनूठा प्रदर्शन किया। छोटी कुलांस में किसानों ने उफनती कुलांस नदी किनारे और पानी में डूबे खेतों में पेड़ों पर बिजली कंपनी के अधिकारियों के पुतले और बैनर टांगकर विरोध जताया। किसानों का आरोप है कि झूलते तारों और अतिरिक्त ट्रांसफार्मर की लंबित मांग के बावजूद उनकी शिकायतों का समाधान नहीं हुआ है। ढाबला, रामाखेड़ी सहित कई गांवों के किसानों ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री तक अपनी आवाज पहुंचाने के लिए यह प्रतीकात्मक विरोध किया, क्योंकि कुलांस नदी भोपाल के बड़े तालाब में मिलती है।

सीहोर के रुठिया परिवार के प्रथम विश्व युद्ध के 109 साल पुराने कर्ज दावे पर ब्रिटेन का आधिकारिक जवाब

सीहोर के 63 वर्षीय विवेक रुठिया को प्रथम विश्व युद्ध के दौरान उनके दादा सेठ जुम्मालल रुठिया द्वारा ब्रिटिश भारत सरकार को दिए गए 35,000 रुपये के कर्ज पर ब्रिटेन के ऋण प्रबंधन कार्यालय से पहला आधिकारिक जवाब मिला है। यह कर्ज 4 जून 1917 को 5.5 प्रतिशत ब्याज के वादे पर दिया गया था। रुठिया परिवार ने मूल प्रमाणपत्र को एक सदी से अधिक समय से सहेज कर रखा है। ब्रिटेन के प्राधिकरण ने अब दावे की पुष्टि के लिए मूल दस्तावेजों की प्रतियां मांगी हैं, जिसे विवेक रुठिया सम्मान और अहम की लड़ाई मान रहे हैं।

1857 का विद्रोह: सीहोर में सिपाही बहादुर सरकार बनी, 356 क्रांतिकारी शहीद

वर्ष 1857 में भारत की आजादी की पहली चिंगारी भड़कने के साथ ही भोपाल रियासत की सैन्य छावनी सीहोर में भी अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह शुरू हो गया था। 6 अगस्त 1857 को रिसालदार वली शाह और कोठ हवलदार महावीर कोठ के नेतृत्व में सैनिकों ने बगावत कर ‘सिपाही बहादुर सरकार’ का गठन किया। क्रांतिकारियों ने सरकारी तंत्र पर कब्जा कर लिया। इसी दौरान रानी लक्ष्मीबाई ने नवाब सिकंदर बेगम से क्रांतिकारियों का समर्थन करने की अपील की, जिसे बेगम ने अस्वीकार कर दिया। 14 जनवरी 1858 को अंग्रेज जनरल ह्यू रोज की सेना ने सीहोर में 356 क्रांतिकारियों को शहीद कर दिया। वली शाह और महावीर कोठ को 2 फरवरी 1858 को फांसी दी गई।

सीहोर कोर्ट ने अवैध बांग्लादेशी नागरिक इरशाद को 7 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई

मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में एक बांग्लादेशी नागरिक इरशाद को बिना वैध दस्तावेज के अवैध रूप से भारत में रहने के आरोप में जिला सत्र न्यायालय ने सात साल के सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। 44 वर्षीय इरशाद को 27 अप्रैल 2025 को सीहोर में पकड़ा गया था। वह 29 साल पहले 15 वर्ष की आयु में बांग्लादेश से भारत आया था और अजमेर तथा सीहोर में रहा। उसने स्वयं को भारतीय नागरिक दर्शाने के लिए आधार कार्ड और पैन कार्ड भी बनवा लिए थे।

आष्टा के महोड़िया गांव में सड़क नहीं बनने पर ग्रामीणों ने चुनाव बहिष्कार की चेतावनी दी

सीहोर जिले के आष्टा विधानसभा क्षेत्र में स्थित ग्राम पंचायत जीवापुर महोडिया के ग्रामीण सड़क न होने से परेशान हैं। आजादी के 75 साल बाद भी गांव में कोई विकास योजना नहीं पहुंची है। ग्रामीणों और किसानों ने प्रशासनिक अधिकारियों व राजनेताओं से जल्द सड़क बनाने की अपील की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि सड़क नहीं बनी तो वे जावर तहसील के सामने धरना प्रदर्शन करेंगे और आगामी चुनाव में वोट का बहिष्कार करेंगे। पूर्व नपा अध्यक्ष शैलेष कुमार वैद्य ने गांव का दौरा कर समस्या पर दुख व्यक्त किया और प्रशासन से ध्यान देने का आग्रह किया।

मध्य प्रदेश में जल जीवन मिशन लक्ष्य से पीछे; सीहोर में 43% परिवारों तक नल जल नहीं

मध्य प्रदेश में जल जीवन मिशन के तहत 77.21 प्रतिशत परिवारों तक नल जल पहुंचने का दावा किया गया है। हालांकि, जिला स्तरीय आंकड़े इससे अलग तस्वीर दर्शाते हैं। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के गृह जिले सीहोर में लगभग 43 प्रतिशत और विदिशा में लगभग 33 प्रतिशत परिवारों तक अब भी नल का पानी नहीं पहुंचा है। प्रदेश के 8 जिलों, जिनमें सतना, छतरपुर और सिंगरौली शामिल हैं, में आधे से अधिक परिवार नल जल सुविधा से वंचित हैं। कुल 23 जिलों में नल जल कवरेज 70 प्रतिशत से कम है। लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अनुसार, कम कवरेज का कारण बहु-ग्राम जल योजनाओं का निर्माणधीन होना है।

सीहोर कृषि महाविद्यालय बनेगा सेरीकल्चर का लाइव लैब

राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय के आरएके कृषि महाविद्यालय सीहोर ने कृषि शिक्षा को रोजगारोन्मुख बनाने के लिए परिसर में शहतूत के पौधे लगाए हैं। यह परिसर जल्द ही रेशम उत्पादन की लाइव लैब बनेगा, जहां छात्र रेशम कीट पालन, कोकून निर्माण और रेशम उत्पादन का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। कीट विज्ञान विभाग के डॉ. नीलेश रायपुरिया के अनुसार, यह पहल आधुनिक सेरीकल्चर तकनीकों में दक्षता बढ़ाएगी, जिससे स्वरोजगार और कृषि उद्यमिता के नए अवसर खुलेंगे। कुलगुरु डॉ. अरविंद कुमार शुक्ला ने इसे प्रयोगात्मक और रोजगारोन्मुख कृषि शिक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।

सीहोर में कमजोर मानसून: पिछले साल से 5.41 इंच कम बारिश, 27 तालाब सूखे

सीहोर जिले में अगस्त का पहला सप्ताह शुरू होने के बावजूद मानसून उम्मीदों के अनुरूप नहीं रहा है। 3 अगस्त तक जिले में औसतन 20.03 इंच (508.7 मिमी) बारिश दर्ज की गई है, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि से 5.41 इंच (138.4 मिमी) कम है। इस स्थिति का सीधा असर जिले की जल संरचनाओं पर पड़ा है, जहां 66 प्रमुख तालाबों में से 27 अभी भी पूरी तरह सूखे हैं और शेष भी अपनी क्षमता से काफी कम भरे हैं। विशेषज्ञों ने आगामी दिनों में अच्छी बारिश न होने पर पेयजल और सिंचाई संकट गहराने की चेतावनी दी है।