सीहोर जिले के इछावर में रविवार शाम पेट्रोल पंप के पास दो कारों की आमने-सामने की टक्कर टालने के प्रयास में वे अनियंत्रित होकर दो मोटरसाइकिलों से टकरा गईं। इस भीषण सड़क हादसे में आष्टा निवासी सुनील परमार की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि राहुल कुशवाह और संदीप परमार गंभीर रूप से घायल हो गए। एडिशनल एसपी प्रशांत चौबे ने बताया कि पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया और मृतक की पहचान के लिए कार्रवाई कर रही है। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है।
उज्जैन में रात्रि गश्त पर निकले इंगोरिया थाने के सब इंस्पेक्टर नानकराम पटेल और आरक्षक चालक दीपक सोलंकी सड़क हादसे में घायल हो गए। बड़नगर-उज्जैन रोड पर सोमनाथ ढाबे के पास गुरुवार देर रात पुलिस का शासकीय वाहन आगे चल रहे ट्रक के अचानक ब्रेक लगाने से अनियंत्रित होकर टकरा गया और पलट गया। टक्कर भीषण थी और वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आरोपित ट्रक चालक को गिरफ्तार कर ट्रक जब्त कर लिया गया है।
सीहोर नगर पालिका परिषद के कर्मचारियों को कई महीनों से वेतन नहीं मिला है, जिससे वे आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। कर्मचारियों ने शुक्रवार को भगवान गणेश को ज्ञापन सौंपकर नपा प्रशासन को सद्बुद्धि देने और जल्द वेतन भुगतान की प्रार्थना की। यह प्रदर्शन मध्य प्रदेश कार्यभारित व दैनिक वेतन भोगी स्थाई कर्मी श्रमिक महासंघ के बैनर तले हुआ। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि वेतन का स्थायी समाधान नहीं निकाला गया, तो वे चरणबद्ध आंदोलन करेंगे। इसी बीच, विदिशा में 11 हजार घरों को नगर पालिका के 50 करोड़ रुपये से अधिक बकाया के लिए नोटिस जारी किए गए हैं।
सीहोर जिले में रविवार सुबह से सोमवार रात तक हुई मूसलाधार बारिश से नदी-नाले उफान पर आ गए, 24 घंटे में 3.96 इंच बारिश दर्ज की गई। कई गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से टूट गया और घरों-दुकानों में पानी घुसने से नुकसान हुआ। श्यामपुर क्षेत्र में बाढ़ जैसे हालात बने, जहां कुलांसी नदी उफान पर आने से एक दर्जन गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ। चरनाल गांव में बड़े नुकसान की आशंका है, जबकि सीहोर शहर में रिटर्निंग वाल ने बड़े जलभराव को रोका। प्रशासन ने स्कूलों की छुट्टी की घोषणा की है और लोगों से उफनती नदियों को पार न करने की अपील की है।
सीहोर जिले के जामनी गांव में भारी बारिश के कारण उफनते नाले ने एंबुलेंस का रास्ता रोक दिया। ऐसे में एसडीआरएफ टीम ने नाव की मदद से एक प्रसूता को सुरक्षित बाहर निकालकर एंबुलेंस तक पहुंचाया, जिसके बाद उसे जिला चिकित्सालय सीहोर में भर्ती कराया गया। यह घटना जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच हुई, जहाँ पिछले 24 घंटों में औसतन 3.96 इंच वर्षा दर्ज की गई। श्यामपुर तहसील में सर्वाधिक 8.27 इंच बारिश हुई। कई नदी-नाले उफान पर हैं और निचले इलाकों में जलभराव से लोग परेशान हैं, जिस पर प्रशासन नजर रख रहा है।
सीहोर जिले के किसानों ने बिजली संबंधी समस्याओं को लेकर सोमवार को अनूठा प्रदर्शन किया। छोटी कुलांस में किसानों ने उफनती कुलांस नदी किनारे और पानी में डूबे खेतों में पेड़ों पर बिजली कंपनी के अधिकारियों के पुतले और बैनर टांगकर विरोध जताया। किसानों का आरोप है कि झूलते तारों और अतिरिक्त ट्रांसफार्मर की लंबित मांग के बावजूद उनकी शिकायतों का समाधान नहीं हुआ है। ढाबला, रामाखेड़ी सहित कई गांवों के किसानों ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री तक अपनी आवाज पहुंचाने के लिए यह प्रतीकात्मक विरोध किया, क्योंकि कुलांस नदी भोपाल के बड़े तालाब में मिलती है।
सीहोर के 63 वर्षीय विवेक रुठिया को प्रथम विश्व युद्ध के दौरान उनके दादा सेठ जुम्मालल रुठिया द्वारा ब्रिटिश भारत सरकार को दिए गए 35,000 रुपये के कर्ज पर ब्रिटेन के ऋण प्रबंधन कार्यालय से पहला आधिकारिक जवाब मिला है। यह कर्ज 4 जून 1917 को 5.5 प्रतिशत ब्याज के वादे पर दिया गया था। रुठिया परिवार ने मूल प्रमाणपत्र को एक सदी से अधिक समय से सहेज कर रखा है। ब्रिटेन के प्राधिकरण ने अब दावे की पुष्टि के लिए मूल दस्तावेजों की प्रतियां मांगी हैं, जिसे विवेक रुठिया सम्मान और अहम की लड़ाई मान रहे हैं।
वर्ष 1857 में भारत की आजादी की पहली चिंगारी भड़कने के साथ ही भोपाल रियासत की सैन्य छावनी सीहोर में भी अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह शुरू हो गया था। 6 अगस्त 1857 को रिसालदार वली शाह और कोठ हवलदार महावीर कोठ के नेतृत्व में सैनिकों ने बगावत कर ‘सिपाही बहादुर सरकार’ का गठन किया। क्रांतिकारियों ने सरकारी तंत्र पर कब्जा कर लिया। इसी दौरान रानी लक्ष्मीबाई ने नवाब सिकंदर बेगम से क्रांतिकारियों का समर्थन करने की अपील की, जिसे बेगम ने अस्वीकार कर दिया। 14 जनवरी 1858 को अंग्रेज जनरल ह्यू रोज की सेना ने सीहोर में 356 क्रांतिकारियों को शहीद कर दिया। वली शाह और महावीर कोठ को 2 फरवरी 1858 को फांसी दी गई।
मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में एक बांग्लादेशी नागरिक इरशाद को बिना वैध दस्तावेज के अवैध रूप से भारत में रहने के आरोप में जिला सत्र न्यायालय ने सात साल के सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। 44 वर्षीय इरशाद को 27 अप्रैल 2025 को सीहोर में पकड़ा गया था। वह 29 साल पहले 15 वर्ष की आयु में बांग्लादेश से भारत आया था और अजमेर तथा सीहोर में रहा। उसने स्वयं को भारतीय नागरिक दर्शाने के लिए आधार कार्ड और पैन कार्ड भी बनवा लिए थे।
सीहोर जिले के आष्टा विधानसभा क्षेत्र में स्थित ग्राम पंचायत जीवापुर महोडिया के ग्रामीण सड़क न होने से परेशान हैं। आजादी के 75 साल बाद भी गांव में कोई विकास योजना नहीं पहुंची है। ग्रामीणों और किसानों ने प्रशासनिक अधिकारियों व राजनेताओं से जल्द सड़क बनाने की अपील की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि सड़क नहीं बनी तो वे जावर तहसील के सामने धरना प्रदर्शन करेंगे और आगामी चुनाव में वोट का बहिष्कार करेंगे। पूर्व नपा अध्यक्ष शैलेष कुमार वैद्य ने गांव का दौरा कर समस्या पर दुख व्यक्त किया और प्रशासन से ध्यान देने का आग्रह किया।