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सुप्रीम कोर्ट के आदेश से भोपाल में 80 हजार व्यावसायिक प्रतिष्ठान प्रभावित

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भोपाल में 60 से 80 हजार व्यावसायिक प्रतिष्ठान प्रभावित हुए हैं। इन प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई न होने पर अदालत की अवमानना होगी, जबकि इन्हें बंद करने से लगभग 5 लाख लोगों का रोजगार संकट में आ सकता है। राज्य सरकार नए मास्टर प्लान में व्यावहारिक समाधान तलाश रही है। भोपाल का मास्टर प्लान 2005 में समाप्त हो गया था, जिससे शहर की व्यावसायिक जरूरतें अनियोजित रूप से बढ़ीं। नए प्लान में प्रमुख सड़कों पर नियंत्रित व्यावसायिक गतिविधियों की अनुमति और आवासीय क्षेत्रों का मूल स्वरूप बनाए रखने पर विचार हो रहा है।

भोपाल में आवासीय भवनों के व्यावसायिक उपयोग पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, नगर निगम ने शुरू किया सर्वे

भोपाल में आवासीय भवनों के व्यावसायिक उपयोग पर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद नगर निगम ने सर्वे शुरू कर दिया है। 15 सितंबर तक ऐसे 1 लाख मकानों की पहचान की जाएगी, जहां आवासीय परिसर में कारोबार हो रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने उच्च न्यायालय द्वारा दुकान संचालकों को दी गई सभी अंतरिम राहत रद्द कर दी है और राज्य सरकार को कानून का सख्ती से पालन कराने का निर्देश दिया है। अरेरा कॉलोनी के रहवासियों ने मॉल, चाय बार और ट्रैफिक जाम जैसी समस्याओं से हो रही परेशानी बताई है। याचिकाकर्ता विवेक त्रिपाठी ने मौलिक अधिकारों के हनन का हवाला देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।

सुप्रीम कोर्ट ने धार भोजशाला विवाद में नमाज के लिए खसरा नंबर 596 आवंटित किया

सुप्रीम कोर्ट ने धार स्थित भोजशाला/कमल मौला परिसर से संबंधित एक याचिका पर सुनवाई करते हुए मुस्लिम समुदाय को शुक्रवार की नमाज के लिए विवादित स्थल के पास खसरा नंबर 596 आवंटित करने का आदेश दिया है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की पीठ ने मध्य प्रदेश सरकार को दरगाह भूमि बताई गई इस जगह पर शुक्रवार दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक नमाज की अनुमति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। यह निर्णय मुस्लिम पक्ष की उस याचिका पर आया है, जिसमें वर्तमान व्यवस्था के तहत नमाज के लिए लंबी दूरी तय करने की शिकायत की गई थी। अदालत ने खसरा नंबर 596 को अलग पहुंच मार्ग के कारण उपयुक्त पाया।