पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने पश्चिम रेलवे के जीएम रामश्रय पांडे को पत्र लिखकर इंदौर की रेल सुविधाओं की उपेक्षा पर गहरी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि पश्चिम रेलवे ने इंदौर को अनाथ समझ लिया है। यात्री गाड़ियों की संख्या बढ़ाने के बजाय अन्य रेलवे ज़ोन से मिले प्रस्तावों को लंबित रखा गया है। महाजन ने जयपुर-इंदौर, रीवा-इंदौर ट्रेन प्रस्तावों के लंबित होने, पीएम द्वारा उद्घाटित MEMU सेवा का रैक हटाने, पुणे ट्रेन के बंद होने और त्रिवेंद्रम एक्सप्रेस के फेरे न बढ़ाने जैसे कई मुद्दों को उठाया।
पूर्व लोकसभा अध्यक्ष और इंदौर की पूर्व सांसद सुमित्रा महाजन (ताई) के एक पत्र के सामने आने के बाद शहर की राजनीति में हलचल मच गई है। 20 जुलाई को रेलवे अधिकारी रामश्रय पांडे को लिखे पत्र में ताई ने पश्चिम रेलवे पर इंदौर को ‘अनाथ समझने’ और शहर की उपेक्षा करने का आरोप लगाया है। उन्होंने नई यात्री ट्रेनों की कमी, लंबित प्रस्तावों, हटाए गए MEMU रैक और कई महत्वपूर्ण रेल मार्गों पर सुविधाओं में कमी का जिक्र किया। इस पत्र के बाद कांग्रेस ने भाजपा सांसद और सरकार पर निशाना साधते हुए इंदौर की उपेक्षा के लिए जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।