इंदौर में स्कूल बसों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर बनाए गए नियमों का पालन संतोषजनक नहीं है। सरकार द्वारा अनिवार्य किए गए जीपीएस, सीसीटीवी, स्पीड गवर्नर, फर्स्ट एड बॉक्स और प्रशिक्षित स्टाफ जैसे नियम जमीनी स्तर पर लागू नहीं हो पा रहे हैं। फीस में कई गुना वृद्धि के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं हुई है। यातायात पुलिस और परिवहन विभाग द्वारा हाल ही में की गई कार्रवाई से यह स्पष्ट है कि व्यवस्था अभी भी पटरी पर नहीं आई है। ऑटो और वैन में ओवरलोडिंग भी एक बड़ी समस्या है, जिस पर कार्रवाई की गई है।
मध्यप्रदेश के गृह विभाग ने निजी सुरक्षा एजेंसियों के लाइसेंस और नवीनीकरण प्रक्रिया को तेज व पारदर्शी बनाने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। विभागीय समीक्षा में लंबित आवेदनों की बड़ी संख्या सामने आने के बाद यह फैसला लिया गया। अब पुलिस अधिकारियों को चरित्र सत्यापन रिपोर्ट 15 दिन में भेजनी होगी। नए लाइसेंस के आवेदनों का निराकरण 60 दिन में, जबकि नवीनीकरण के मामलों का फैसला 30 दिन में करना अनिवार्य होगा। यह कदम सुरक्षा सेवाओं को अधिक व्यवस्थित बनाने में सहायक होगा।