पूर्व पुलिस महानिदेशक पवन जैन ने भोपाल की कानून व्यवस्था और शहरी ढांचे पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में अरेरा कॉलोनी में रिटायर्ड डीजी की कार टक्कर मामले में तीन माह बाद भी आरोपितों पर कार्रवाई न होने का जिक्र किया। जैन ने भोपाल के पॉश इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था ध्वस्त होने का आरोप लगाया, जिसमें एटीएस आईजी का मोबाइल छीनने और विधायक के घर चोरी जैसी घटनाएं शामिल हैं। उन्होंने 35 साल पहले के ‘हरे-भरे’ भोपाल को अब कचरे और प्रदूषण का ढेर बताया, जहां बुजुर्ग और बच्चे शाम को असुरक्षित महसूस करते हैं। पूर्व डीजी ने प्रशासन की बेपरवाही पर भी सवाल उठाए हैं।
ग्वालियर क्राइम ब्रांच ने मंगलवार को अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 12 संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया। ये लोग लंबे समय से शहर के विभिन्न इलाकों में झुग्गी-झोपड़ियां बनाकर रह रहे थे। पुलिस को बिना वैध दस्तावेजों के इनके रहने की सूचना मिली थी, जिसके बाद सत्यापन कर छापेमारी की गई। हिरासत में लिए गए लोगों में पति-पत्नी और बच्चे भी शामिल हैं। पुलिस उनसे पहचान पत्रों, भारत में प्रवेश और स्थानीय संपर्कों की जानकारी जुटा रही है। जांच पूरी होने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
मध्य प्रदेश में मूसलाधार बारिश के चलते बांध, तालाब और झरने सैलानियों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गए हैं। जलस्तर बढ़ने से होने वाले संभावित हादसों को रोकने के लिए प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। राज्य सरकार ने सभी जिला प्रशासनों और नगर पालिकाओं को घाटों, बांधों और वॉटरफॉल्स के आसपास पर्याप्त बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड और पुलिस बल तैनात करने के सख्त निर्देश दिए हैं। सीवर चैंबरों का सर्वे और मरम्मत के भी आदेश दिए गए हैं। साथ ही, नदियों, झरनों और बांधों के पास जान जोखिम में डालकर रील या सेल्फी लेने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और नावों के संचालन पर प्रतिबंध लगाया गया है।
खरगोन जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल सहस्त्रधारा में रविवार शाम इंदौर का एक 30 वर्षीय युवक अर्पित हाड़ा रील बनाने और स्नान के दौरान नर्मदा नदी के तेज बहाव में बह गया। यह पिछले तीन माह में सहस्त्रधारा में डूबने की चौथी घटना है। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर तलाश शुरू की, सोमवार सुबह भी सर्च ऑपरेशन जारी रहा। एसडीएम पूर्वा मंडलोई के अनुसार, चेतावनी बोर्ड और बैरिकेड्स होने के बावजूद पर्यटक प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश करते हैं। प्रशासन बारिश के दौरान स्थल को प्रतिबंधित करने और स्थायी सुरक्षाकर्मी तैनात करने पर विचार कर रहा है।