राज्य सरकार ने दो महत्वपूर्ण कृषि सेवाओं, मिट्टी के नमूनों की जांच और बीज की पड़ताल को लोक सेवा गारंटी अधिनियम के दायरे से हटा दिया है। अब इन जांचों की रिपोर्ट देने के लिए कोई तय समय-सीमा नहीं होगी, जबकि पहले इसके लिए क्रमशः 30 और 60 दिन की समय-सीमा थी। अधिकारियों ने कृषि प्रयोगशालाओं पर अधिक दबाव, सीमित संसाधनों और वैज्ञानिक प्रक्रिया को समय पर रिपोर्ट न दे पाने का कारण बताया है। इस निर्णय के बाद किसान निर्धारित अवधि में रिपोर्ट के लिए कानूनी दावा नहीं कर सकेंगे और लोक सेवा गारंटी कानून के तहत अपील या दंड का प्रावधान भी लागू नहीं होगा।