मेजर हमजा आरिफ को रविवार को इंदौर में राजकीय एवं सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। जैसलमेर (राजस्थान) में दुर्घटना में उनके निधन के बाद हजारों लोगों ने नम आंखों से उन्हें श्रद्धांजलि दी। सैफी नगर मस्जिद परिसर में जनाजे की नमाज अदा की गई, जिसके बाद इमली बाजार स्थित दाऊदी बोहरा कब्रिस्तान में सेना के जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर और अंतिम सलामी दी। सुपुर्दे खाक से पहले सम्मान का तिरंगा उनकी पत्नी ज्योति अरोड़ा को सौंपा गया। मेजर हमजा ने देश सेवा के लिए बड़ी कंपनियों के प्लेसमेंट को छोड़कर सेना में शामिल होने का विकल्प चुना था।