BREAKING NEWS

Latest News

सोनम वांगचुक ने भारतीय रेलवे की सराहना की, शिक्षा प्रणाली में व्यापक बदलाव का आग्रह किया

सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपने नवीनतम वीडियो संदेश में भारतीय रेलवे की सराहना की और परीक्षा सुधार विधेयक पर प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सुधार केवल परीक्षाओं तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि पूरी शिक्षा व्यवस्था में बदलाव होना चाहिए। वांगचुक ने दिल्ली से श्रीनगर के लिए वंदे भारत सेवा के अपने अनुभव को ‘खूबसूरत’ बताया और भारतीय रेलवे पर गर्व व्यक्त किया। उन्होंने सरकार से सीजेपी के साथ हुए समझौते का पालन करने का भी आग्रह किया, जिसमें प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई न करने की बात थी।

राज्यसभा सदस्य विवेक तन्खा ने जंतर मंतर पर सोनम वांगचुक का अनशन समाप्त कराया

कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य विवेक तन्खा ने नई दिल्ली के जंतर मंतर पर 26 दिनों से जारी सोनम वांगचुक के अनशन को समाप्त कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने वांगचुक को अनशन तोड़ने के लिए मनाया, जिससे सरकार के साथ बातचीत का रास्ता खुला और छात्रों को आपराधिक कार्रवाई से बचाया जा सका। तन्खा ने इससे पूर्व 2022 में कश्मीरी पंडितों के अधिकारों के लिए एक निजी विधेयक पेश किया था। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के मुद्दे पर भी उन्होंने राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा, अपनी पार्टी की लाइन से हटकर भी जनहित को प्राथमिकता दी।

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ा कॉकरोच जनता पार्टी का आंदोलन

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़ी है, जिसमें युवा भारत की शिक्षा प्रणाली पर चर्चा की मांग कर रहे हैं। लद्दाख के शिक्षाविद सोनम वांगचुक नीट अनियमितताओं के खिलाफ 25 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। उन्होंने मुकदमे वापस लेने पर बातचीत का प्रस्ताव दिया है, जबकि सीजेपी प्रधान के इस्तीफे, नीट पीड़ितों के लिए ₹1 करोड़ मुआवजे और पुलिस हिंसा में शामिल अधिकारियों की सजा पर अड़ी है। इस मुहिम को अंतर्राष्ट्रीय समर्थन भी मिल रहा है। सरकार ने वांगचुक से संपर्क साधा है, लेकिन सीजेपी जंतर-मंतर पर मंत्रियों से बातचीत की मांग कर रही है।

सोनम वांगचुक ने अनशन समाप्त करने के लिए केंद्र से छात्र प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई न करने का आश्वासन मांगा

पर्यावरणविद सोनम वांगचुक ने बुधवार को केंद्रीय मंत्रियों को पत्र लिखकर अपना अनिश्चितकालीन अनशन समाप्त करने की शर्त रखी। उन्होंने मांग की कि छात्र आंदोलन में शामिल युवाओं के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाए। वांगचुक ने यह भी उल्लेख किया कि मंत्रियों ने परीक्षा प्रश्नपत्र लीक के बाद मुआवजे, संसद में चर्चा और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर विचार करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने ‘संसद चलो’ मार्च को शांतिपूर्ण बताया और उम्मीद जताई कि प्रदर्शनकारियों पर कानूनी कार्रवाई नहीं होगी। वांगचुक ने कहा कि वह जीना चाहते हैं, लेकिन उन युवाओं की कीमत पर नहीं जिनके लिए आंदोलन शुरू हुआ।

अन्ना हजारे ने पीएम मोदी को लिखा पत्र: मंत्री के इस्तीफे से सरकार होगी अधिक जवाबदेह

सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर दिल्ली में छात्रों के आंदोलन के दौरान हुई हिंसा पर पीड़ा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि किसी मंत्री का इस्तीफा लेने से सरकार कमजोर नहीं होगी, बल्कि इससे अन्य मंत्रियों को जवाबदेही का स्पष्ट संदेश मिलेगा और सरकार का कामकाज अधिक प्रभावी बनेगा। हजारे ने नीट परीक्षा अनियमितताओं, पेपर लीक और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर लाखों युवाओं की चिंताओं को जनता की पीड़ा के रूप में देखने की सलाह दी। उन्होंने संवाद को टकराव से बेहतर बताते हुए सरकार से प्रदर्शनकारियों की बात सुनने और रचनात्मक संवाद से समाधान खोजने का आग्रह किया।

अभिजीत दीपके ने सोनम वांगचुक से अनशन समाप्त करने की अपील की; केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर आंदोलन जारी रहेगा

सीजेपी कार्यकर्ता अभिजीत दीपके ने जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से अपना 25वें दिन का अनशन समाप्त करने की अपील की है, उनके स्वास्थ्य को देखते हुए। दीपके ने स्पष्ट किया कि अनशन खत्म होने के बावजूद आंदोलन जारी रहेगा और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग से पीछे नहीं हटा जाएगा। उन्होंने आंदोलन के शांतिपूर्ण रहने का भरोसा दिया। इस बीच, दिल्ली हाईकोर्ट बुधवार को एक जनहित याचिका पर सुनवाई करेगा, जिसमें जंतर-मंतर पर पुलिस कार्रवाई की स्वतंत्र जांच और शांतिपूर्ण प्रदर्शन के संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा की मांग की गई है।

ममता बनर्जी ने केंद्र पर तीखा हमला बोला, सीजेपी आंदोलन में शामिल होने दिल्ली जाने की बात कही

तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने दिल्ली में सीजेपी के संसद मार्च के दौरान छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर वह सीजेपी आंदोलन में शामिल होने दिल्ली जाएंगी। ममता ने केंद्र पर लोकतांत्रिक विरोधों को दबाने, तानाशाही करने और कोविड-19 खरीद व धार्मिक आयोजनों में भेदभाव का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि कोविड मामलों की जांच में पीएम मोदी का नाम आ सकता है। सीजेपी आंदोलन परीक्षा अनियमितताओं और पेपर लीक के विरोध में शुरू हुआ, जिसमें सोनम वांगचुक की रिहाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की जा रही है।

इंदौर में नीट पेपर लीक पर छात्रों का धरना, शिक्षा मंत्री प्रधान के इस्तीफे की मांग

इंदौर में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) पेपर लीक प्रकरण को लेकर भंवरकुआं चौराहे पर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन जारी है। इसमें छात्र, शिक्षक, अभिभावक और आम नागरिक शामिल हैं। प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे हैं। दिल्ली में अनशन पर बैठे पर्यावरणविद सोनम वांगचुक को पुलिस द्वारा अस्पताल ले जाने और छात्रों पर हुए लाठीचार्ज का भी विरोध किया गया। आंदोलन के नेताओं ने इसे गैर-राजनीतिक और संवैधानिक बताया, जिसका उद्देश्य लाखों छात्रों का भविष्य और प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।