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पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा की दुबई संपत्ति की लोकायुक्त फिर करेगा पड़ताल

मध्य प्रदेश परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा की दुबई में कथित संपत्ति की लोकायुक्त संगठन फिर से पड़ताल करेगा। सौरभ पर 100 करोड़ रुपये से अधिक की काली कमाई से संपत्ति जुटाने का आरोप है। एक शिकायतकर्ता ने दुबई में एमआर ग्रुप से 150 करोड़ रुपये के विला की जानकारी दी थी। लोकायुक्त पुलिस अब एमआर ग्रुप को पत्र लिखकर संपत्ति खरीद संबंधी जानकारी मांगेगी। छापे के दौरान सौरभ के दुबई आने-जाने का पता चला था। लोकायुक्त सितंबर अंत तक उसके खिलाफ कोर्ट में चालान पेश करने की तैयारी में है।

पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा को 18 माह बाद हाईकोर्ट से जमानत

मध्य प्रदेश परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा को जबलपुर हाईकोर्ट से 18 माह बाद जमानत मिल गई है। उन्हें फरवरी 2025 में गिरफ्तार किया गया था। सौरभ शर्मा पर ईडी, आयकर, लोकायुक्त, ईओडब्ल्यू और भोपाल पुलिस सहित पांच एजेंसियां कई मामले दर्ज कर जांच कर रही हैं। उन पर अवैध कमाई और अधिकारियों को अपने इशारे पर चलाने के आरोप हैं। एक इनोवा कार से 52 किलोग्राम सोने के बिस्किट और 11 करोड़ रुपये नकद बरामद हुए थे। अदालत ने जांच पूरी होने और लंबे ट्रायल की संभावना के कारण जमानत दी है, लेकिन उन्हें हर सुनवाई में उपस्थित रहना होगा।

परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा मामले में 15 से अधिक नए आरोपी बनाए जाएंगे

मध्य प्रदेश में परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा के भ्रष्टाचार मामले में लोकायुक्त संगठन ने विवेचना पूरी कर ली है। 100 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जुटाने के आरोप में सौरभ के अतिरिक्त 15 से अधिक लोगों को आरोपित बनाया जाएगा, जिनमें उसकी पत्नी, मां और दोस्त शामिल हैं। सितंबर में आरोप पत्र प्रस्तुत होने की संभावना है। मामले में 52 किलो सोना और 11 करोड़ रुपये नकद सहित करोड़ों की संपत्ति जब्त की गई है।

मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा को हाईकोर्ट से जमानत

जबलपुर में सौ करोड़ रुपये से अधिक के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा गिरफ्तार आरटीओ विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। न्यायमूर्ति अजय कुमार निरंकारी की एकलपीठ ने ईडी की जांच पूरी होने, चालान पेश होने, आरोप तय होने और आरोपी के 16 माह से न्यायिक हिरासत में होने तथा सुनवाई में लगने वाले समय को आधार बनाया। इससे पूर्व हाईकोर्ट दो बार उसकी नियमित जमानत याचिका खारिज कर चुका था। ईडी ने जमानत का विरोध करते हुए इसे गंभीर आर्थिक अपराध बताया था, लेकिन अदालत ने शर्तों के साथ जमानत मंजूर की।

भोपाल सोना-नकदी मामले में पूर्व आरटीओ कांस्टेबल सौरभ शर्मा को जमानत

जबलपुर हाई कोर्ट ने भोपाल के जंगल में 52 किलो सोना और 11 करोड़ रुपये नकद मिलने के चर्चित मामले में आरोपित पूर्व आरटीओ कांस्टेबल सौरभ शर्मा को जमानत दे दी है। न्यायमूर्ति अजय कुमार निरंकारी की एकलपीठ ने सौरभ को 10 लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के स्थानीय जमानती पर रिहा करने के निर्देश दिए। सौरभ 10 फरवरी 2025 से न्यायिक हिरासत में है और करीब 18 महीने जेल में बिता चुका है। ईडी की जांच पूरी होने और आरोप तय होने को जमानत का आधार माना गया। आपराधिक कार्यवाही जारी रहेगी।