जबलपुर में सौ करोड़ रुपये से अधिक के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा गिरफ्तार आरटीओ विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। न्यायमूर्ति अजय कुमार निरंकारी की एकलपीठ ने ईडी की जांच पूरी होने, चालान पेश होने, आरोप तय होने और आरोपी के 16 माह से न्यायिक हिरासत में होने तथा सुनवाई में लगने वाले समय को आधार बनाया। इससे पूर्व हाईकोर्ट दो बार उसकी नियमित जमानत याचिका खारिज कर चुका था। ईडी ने जमानत का विरोध करते हुए इसे गंभीर आर्थिक अपराध बताया था, लेकिन अदालत ने शर्तों के साथ जमानत मंजूर की।
जबलपुर हाई कोर्ट ने भोपाल के जंगल में 52 किलो सोना और 11 करोड़ रुपये नकद मिलने के चर्चित मामले में आरोपित पूर्व आरटीओ कांस्टेबल सौरभ शर्मा को जमानत दे दी है। न्यायमूर्ति अजय कुमार निरंकारी की एकलपीठ ने सौरभ को 10 लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के स्थानीय जमानती पर रिहा करने के निर्देश दिए। सौरभ 10 फरवरी 2025 से न्यायिक हिरासत में है और करीब 18 महीने जेल में बिता चुका है। ईडी की जांच पूरी होने और आरोप तय होने को जमानत का आधार माना गया। आपराधिक कार्यवाही जारी रहेगी।