मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दिल्ली में 7वें अंतर्राष्ट्रीय नवकरणीय ऊर्जा सम्मेलन में कहा कि मध्य प्रदेश 2030 तक देश के 500 गीगा वॉट गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता के राष्ट्रीय लक्ष्य के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि राज्य की नवकरणीय ऊर्जा क्षमता पिछले 12 वर्षों में 438 मेगावॉट से बढ़कर 11,000 मेगावाट हो गई है। रीवा अल्ट्रा मेगा सौर परियोजना ने कोयले से सस्ती सौर ऊर्जा का टैरिफ स्थापित किया, जबकि आगर-शाजापुर-नीमच परियोजना ने रिकॉर्ड न्यूनतम टैरिफ हासिल किया। राज्य में ऊर्जा भंडारण और रूफटॉप सौर योजनाओं का भी तेजी से विकास हो रहा है।
मध्यप्रदेश में ग्रामीण पर्यटन ग्रामीणों की आजीविका का एक प्रमुख स्रोत बन गया है। चालू वित्तीय वर्ष में 98 गांवों में होम-स्टे संचालकों ने 6.76 करोड़ रुपये कमाए हैं, जहां 34 हजार पर्यटक रुक चुके हैं। पारंपरिक खान-पान, स्थानीय लोक-नृत्य और बैलगाड़ी की सैर जैसे अनुभव पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं। सरकार 1,000 नए होम-स्टे विकसित करने और 100 गांवों को जोड़ने की योजना पर काम कर रही है। गणेश उइके का ‘ताप्ती विहार होम-स्टे’ और चिमटीपुर का ‘आंकला होम-स्टे’ सफलता के उदाहरण हैं। ऑनलाइन बुकिंग और सौर ऊर्जा कवरेज पर भी कार्य जारी है।