सरकारी स्कूलों में कक्षा नौवीं से बारहवीं तक के विद्यार्थियों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज की जाएगी। स्कूल शिक्षा विभाग ने विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह महत्वपूर्ण व्यवस्था लागू की है। ई-अटेंडेंस एजुकेशन पोर्टल 3.0 पर शिक्षकों द्वारा दर्ज की जाएगी, जिससे विद्यार्थियों की वास्तविक उपस्थिति पर नजर रखी जा सकेगी। लोक शिक्षण संचालनालय ने इस संबंध में सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। विभाग का मानना है कि इससे नियमित उपस्थिति सुनिश्चित होगी और स्कूलों में पढ़ाई का वातावरण बेहतर होगा। यह व्यवस्था इसी शैक्षणिक सत्र से लागू करने की तैयारी है।
मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में नौवीं-दसवीं कक्षाओं में संस्कृत शिक्षकों की कमी हो गई है, क्योंकि माध्यमिक शिक्षा मंडल की अंक योजना के तहत व्यावसायिक पाठ्यक्रम चुनने वाले छात्र हिंदी और अंग्रेजी को प्राथमिकता दे रहे हैं। संस्कृत तीसरी भाषा के तौर पर उपेक्षित हो रही है, जिससे शिक्षक खाली बैठे हैं। शासन का उद्देश्य संस्कृत को बढ़ावा देना है, जिसके बाद स्कूल शिक्षा विभाग और महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान सक्रिय हुए हैं। अब संस्कृत चुनने वाले छात्रों और खाली कक्षाओं वाले स्कूलों की जानकारी मांगी गई है, ताकि बच्चों को संस्कृत पढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके।
मध्य प्रदेश में राज्य सरकार हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी विद्यालयों में संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 9वीं और 11वीं कक्षा के विद्यार्थियों को संस्कृत विषय लेने हेतु प्रोत्साहित करेगी। महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं कि वे अपने जिले के शासकीय स्कूलों में संस्कृत विषय के चयन और अध्यापन को बढ़ावा दें। साथ ही, संस्थान ने 2025-26 के लिए संस्कृत विषय में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों की जानकारी भी मांगी है।
स्कूल शिक्षा विभाग ने प्राथमिक शिक्षक नियुक्ति 2026 के चयनित उम्मीदवारों के लिए पारस्परिक जिला परिवर्तन की सुविधा प्रदान करने का निर्णय लिया है। यह सुविधा उन अभ्यर्थियों के लिए है जिन्हें पारिवारिक, सामाजिक या चिकित्सीय कारणों से आवंटित जिले या विद्यालय में सेवा देने में कठिनाई हो रही है। आयुक्त लोक शिक्षण संचालनालय के निर्देशानुसार, समान श्रेणी के दो चयनित अभ्यर्थी आपसी सहमति से 10 और 11 अगस्त 2026 को टीआरसी पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। संचालनालय ने स्पष्ट किया है कि इससे किसी अन्य अभ्यर्थी के अधिकारों पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा और अंतिम निर्णय आयुक्त द्वारा लिया जाएगा।
सतना के रैगांव विधानसभा क्षेत्र में नगरीय प्रशासन राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी के क्षेत्र में विकास के दावों पर सवाल उठे हैं। ग्राम छुलहा की छात्राएं सड़क और स्कूल की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठीं, जिसे एसडीएम के आश्वासन पर समाप्त किया गया। वहीं, रामपुरा गांव में डेढ़ किलोमीटर सड़क बदहाल है, जहां एंबुलेंस भी नहीं पहुंच पाती, जिससे एक बुजुर्ग महिला को खाट पर ले जाना पड़ा। बौलिहा में छात्र 27 जुलाई 2026 से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। दिसंबर 2025 में बनी नई सड़क भी कुछ ही दिनों में उखड़ गई थी, जिससे गुणवत्ता पर सवाल उठे थे।
मध्य प्रदेश के अतिथि शिक्षकों को बड़ी राहत मिली है। मुख्यमंत्री ने सत्र में 10 दिन के आकस्मिक अवकाश की घोषणा की है, जिसके आदेश लोक शिक्षण संचालनालय जल्द जारी करेगा। इसके अतिरिक्त, लोक शिक्षण विभाग ने 90 प्रतिशत ई-अटेंडेंस की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया है। पहले, कम अटेंडेंस वाले अतिथि शिक्षक दोबारा रिजॉइन नहीं कर पाते थे, जिससे करीब 10 प्रतिशत शिक्षक प्रभावित थे। अब वे सीधे अपने पदों पर रिजॉइन कर सकेंगे, जिससे उन्हें शपथ पत्र की जटिल प्रक्रिया से मुक्ति मिल गई है।