भोपाल में देर रात से जारी तेज बारिश के कारण शिवनगर कॉलोनी सहित कई इलाकों में भारी जलभराव हो गया, जिससे सड़कें जलमग्न हो गईं और घरों में पानी घुस गया। भोपाल-बैरसिया मार्ग समेत कई प्रमुख रास्ते बंद कर दिए गए। कलेक्टर के निर्देश पर नर्सरी से 12वीं कक्षा तक के स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है, हालांकि शिक्षकों को स्कूल पहुंचना होगा। मंत्री विश्वास सारंग ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर राहत सामग्री पहुंचाने और नाले-नालियों की सफाई के निर्देश दिए। जलभराव ने शहर की निकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।
राजधानी भोपाल में सोमवार को भारी बारिश के कारण स्कूलों में जलभराव हुआ। भोपाल कलेक्टर के निर्देश पर नर्सरी से 12वीं तक के स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया, लेकिन आदेश में देरी से कई विद्यार्थी स्कूल पहुंच गए। ईंटखेड़ी और बैरसिया जैसे निचले इलाकों के स्कूलों में घुटनों तक पानी भर गया। ई-अटेंडेंस के कारण शिक्षकों को जलभराव के बीच भी स्कूल जाना पड़ा, हालांकि बाद में जलभराव वाले स्कूलों को ई-अटेंडेंस से छूट दी गई।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए संविदा आयुष चिकित्सा अधिकारियों की भर्ती प्रक्रिया शुरू की है। इसका उद्देश्य जिला और ब्लॉक स्तर पर रिक्त पदों को भरना है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत, आयुष डॉक्टर आंगनबाड़ियों और सरकारी स्कूलों में 0 से 18 वर्ष तक के बच्चों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण करेंगे। यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य नेटवर्क को मजबूत करेगी और बच्चों में जन्मजात बीमारियों, कुपोषण जैसी समस्याओं की समय पर पहचान व नि:शुल्क इलाज सुनिश्चित करेगी, जिससे पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों की पहुंच भी बढ़ेगी।
दतिया जिले के तलैया मोहल्ले में शासकीय माध्यमिक विद्यालय क्रमांक-6 की बाउंड्री वॉल सुबह 7 बजे तेज बारिश के कारण ढह गई। यह हादसा स्कूल खुलने से एक घंटे पहले हुआ, जिससे बड़ा जानमाल का नुकसान टल गया। मलबे में पास खड़ी एक कार और मोटरसाइकिल क्षतिग्रस्त हो गईं, साथ ही बिजली का डीपी भी गिर गया। विद्युत विभाग ने तत्काल क्षेत्र की बिजली काटी। स्कूल प्रबंधन, शिक्षा विभाग और नगर निगम की टीमें मौके पर पहुंचीं। इस घटना ने मानसून पूर्व भवनों की सुरक्षा जांच पर सवाल खड़े किए हैं, जिस पर स्थानीय अभिभावकों ने भी चिंता व्यक्त की है।
भोपाल जिले में लगातार वर्षा, जलभराव और मार्ग अवरुद्ध होने के कारण भोपाल कलेक्टर के आदेश पर जिला शिक्षा अधिकारी ने 12 अगस्त को सभी स्कूलों में अवकाश घोषित किया है। यह आदेश नर्सरी से कक्षा 12वीं तक के सभी शासकीय, निजी, एमपी बोर्ड, सीबीएसई और आईसीएसई संबद्ध स्कूलों पर लागू होगा। शिक्षक और कर्मचारी विद्यालयीन समय में उपस्थित रहेंगे और ऑनलाइन कक्षाएं संचालित की जा सकेंगी। अधिकारियों को जोखिमपूर्ण मार्गों वाले विद्यालयों को चिह्नित करने और छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं।
मध्य प्रदेश में पिछले तीन दिनों से लगातार बारिश हो रही है, जिससे कई इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। नर्मदा नदी का जलस्तर 48 घंटे में करीब 10 फीट बढ़ गया है, और प्रदेश में 527 बाढ़ प्रभावितों को सुरक्षित निकाला गया है। भोपाल और गुना में बुधवार को स्कूल बंद रखने का फैसला लिया गया है, जबकि इंदौर संभाग के पांच जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। अगले चार दिन प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं, हालांकि 45 जिलों में अब भी सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है।
मध्यप्रदेश में भारी बारिश के चलते शिक्षा विभाग ने शिक्षकों और छात्रों की सुरक्षा के लिए अहम निर्देश जारी किए हैं। अब शिक्षक उफनती नदियों को पार कर स्कूल न जाकर प्राचार्य को सूचित करेंगे, जिस पर विभाग ध्यान देगा। लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह ने जान जोखिम में डालकर स्कूल न पहुंचने के निर्देश दिए। सामान्य ई-अटेंडेंस 10:30 बजे तक है, 15 मिनट का ग्रेस पीरियड मिलेगा, पर लगातार लापरवाही पर वेतन कटौती हो सकती है। बैरसिया में आवागमन प्रभावित होने से शिक्षकों की ई-अटेंडेंस में समस्या आई, जिस पर शासकीय शिक्षक संगठन ने राहत और सुविधाओं की मांग की है।
इंदौर में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से 2022 में शुरू हुई सांदीपनि (सीएम राइज) स्कूल योजना के तहत 10 भवनों का निर्माण पूरा हो चुका है। हालांकि, इनमें से केवल तीन भवनों में ही कक्षाएं संचालित हो रही हैं, जबकि अन्य तैयार भवनों जैसे नंदानगर, पाल कांकरिया और शिवनगर में कक्षाएं शुरू नहीं हो पाई हैं। मुसाखेड़ी में भूमि आवंटन न होने से काम शुरू नहीं हुआ, वहीं एमओजी लाइन पर निर्माण आधा रुक गया है। शिक्षा विभाग के सिस्टम की विफलता के कारण फर्नीचर व अन्य सुविधाओं का अभाव है, जिससे विद्यार्थियों को आधुनिक सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा।
भोपाल में देर रात से हो रही लगातार तेज बारिश के चलते जिला प्रशासन ने नर्सरी से कक्षा 12वीं तक के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है। यह निर्णय विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी किया गया है। आदेश सभी सरकारी, निजी और अनुदान प्राप्त विद्यालयों पर लागू होगा। शहर में कई जगह जलभराव और यातायात प्रभावित होने के कारण यह फैसला लिया गया है। शिक्षकों और कर्मचारियों को हालांकि स्कूल पहुंचना होगा। प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है।
जबलपुर में 10 अगस्त, सोमवार को संस्कार कांवड़ यात्रा और गुप्तेश्वर शाही सवारी यात्रा के मद्देनजर शहर के स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए अवकाश घोषित किया गया है। यह आदेश कलेक्टर जबलपुर के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी किया गया है। नगर पालिक निगम क्षेत्र में संचालित सभी शासकीय, अशासकीय मान्यता प्राप्त, सीबीएसई और आईसीएसई स्कूलों के विद्यार्थियों पर यह अवकाश लागू होगा। सुबह 7 बजे ग्वारीघाट स्थित सिद्धघाट से प्रारंभ होकर यात्रा मटामर स्थित कैलाशधाम भगवान नर्मदेश्वर भोलेनाथ मंदिर पहुंचेगी।