इंदौर रेलवे स्टेशन पर यात्री सुविधाओं के दावों के बावजूद जमीनी हकीकत भिन्न है। प्लेटफार्म एक के प्रवेश और निकास द्वार पर अवैध रूप से ऑटो खड़े होने से निजी वाहनों को आवागमन में दिक्कत होती है। पुनर्निर्माण के कारण पार्किंग क्षेत्र बंद होने से वाहनों की पार्किंग की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। सुरक्षा जांच मशीन भी लंबे समय से बंद है, जिससे सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं। कई यात्री प्लेटफार्म पांच व छह की जानकारी के अभाव में भटकते हैं, जिसका फायदा ऑटो चालक उठाते हैं। हालांकि, वातानुकूलित प्रतीक्षा कक्ष और साफ-सफाई जैसी अन्य सुविधाएं उचित पाई गईं।
भोपाल रेलवे स्टेशन के यार्ड को ₹71.80 लाख की लागत से पुनर्गठित करने की तैयारी शुरू हो गई है। इस परियोजना का लक्ष्य छह महीने में पूरा होना है। पहले चरण में प्लेटफॉर्म नंबर-1 में महत्वपूर्ण बदलाव किए जाएंगे, जिसमें इसे रानी कमलापति स्टेशन की ओर बढ़ाया जाएगा और बीना छोर से एक हिस्सा हटाया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य दोनों सिरों पर मेन लाइन को सक्रिय करना है, जिससे ट्रेनों के संचालन में अधिक सुविधा मिलेगी और यात्रियों को बेहतर आवाजाही, कम देरी तथा बढ़ी हुई क्षमता का लाभ मिलेगा।
भोपाल मंडल का निशांतपुरा रेलवे स्टेशन लंबे इंतजार के बाद शुरू होने को तैयार है, लेकिन इसके लोकार्पण और ट्रेनों के ठहराव पर विरोधाभास है। सांसद आलोक शर्मा ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा 28 जुलाई शाम 4:30 बजे स्टेशन के लोकार्पण का दावा किया है। वहीं, रेलवे अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि 28 जुलाई को केवल मालवा एक्सप्रेस और सोमनाथ-जबलपुर एक्सप्रेस का ठहराव शुरू होगा, लोकार्पण नहीं। यह स्टेशन तीन साल बाद खुल रहा है और भोपाल का चौथा रेलवे स्टेशन बनेगा।
भोपाल का चौथा रेलवे स्टेशन, निशातपुरा, 28 जुलाई से शुरू हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शाम 5 बजे मालवा एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाएंगे। मालवा एक्सप्रेस और सोमनाथ-जबलपुर एक्सप्रेस का यहां ठहराव रहेगा। मंत्री विश्वास सारंग ने सोमवार को तैयारियों का जायजा लिया। यह स्टेशन नरेला विधानसभा क्षेत्र में स्थित है और तीन साल पहले बनकर तैयार हुआ था, लेकिन अब यात्री सेवाओं के लिए खुल रहा है। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि दोनों ट्रेनें भोपाल जंक्शन और निशातपुरा दोनों जगह रुकेंगी। यह स्टेशन मुख्य भोपाल रेलवे स्टेशन पर दबाव कम करेगा।
भोपाल में शनिवार दोपहर ‘रेल वन’ ऐप में तकनीकी खराबी आने से हजारों यात्रियों को ऑनलाइन टिकट बुकिंग में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। ऐप में बार-बार ‘सर्विस अनअवेलेबल’ का संदेश आने से कई यात्री टिकट बुक नहीं कर पाए और उन्हें दोस्तों, रिश्तेदारों या टिकट काउंटर से टिकट खरीदने पड़े। यात्रियों ने इस समस्या पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसी तकनीकी दिक्कतें भरोसे को प्रभावित करती हैं और रेलवे को समय पर जानकारी देनी चाहिए। इस बीच, निशांतपुरा रेलवे स्टेशन का 26 जुलाई को होने वाला लोकार्पण कार्यक्रम भी आखिरी समय में स्थगित कर दिया गया है, अब मंगलवार को उद्घाटन की संभावना है।
उज्जैन में सिंहस्थ 2028 के लिए भीड़ नियंत्रण एक बड़ी चुनौती है, जिसके समाधान हेतु रेलवे पंवासा में एक नया स्टेशन बना रहा है। इस स्टेशन पर प्लेटफॉर्म सहित अन्य सुविधाएं विकसित की जा रही हैं और कई ट्रेनों को यहां रोका जाएगा। यह स्टेशन 600 मीटर लंबा होगा और इस पर 2 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होंगे। आसपास के चिंतामन, नईखेड़ी, मोहनपुरा, विक्रमनगर और पिंगलेश्वर स्टेशनों को भी अपग्रेड किया जा रहा है। श्रावण मास में उज्जैन के प्रमुख मंदिरों में दर्शन व्यवस्थाएं भी बदलेंगी।