रक्षाबंधन से पहले भोपाल से दिल्ली, मुंबई और लखनऊ जाने वाली ट्रेनों में टिकट संकट गहरा गया है। 28 अगस्त को रक्षाबंधन है, और 25 अगस्त से ही इन रूट्स पर ट्रेनों में सीटें भरनी शुरू हो गई थीं। कई ट्रेनों में वेटिंग, आरएलडब्ल्यूएल और रीग्रेट की स्थिति 31 अगस्त तक बनी रह सकती है। रेलवे ने अभी तक इन प्रमुख रूट्स पर अतिरिक्त ट्रेनें चलाने के निर्देश जारी नहीं किए हैं। यात्रियों को अंतिम समय तक इंतजार न करने और वैकल्पिक साधनों जैसे कनेक्टिंग ट्रेन या बस का उपयोग करने की सलाह दी गई है। हालांकि, भोपाल-रीवा के बीच 25 से 31 अगस्त तक चार स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी।
जबलपुर डाक विभाग ने रक्षाबंधन के लिए विशेष राखी बुकिंग काउंटर और अंतरराष्ट्रीय बुकिंग सुविधा शुरू की है। यह पहल बहनों को देश-विदेश में रहने वाले भाइयों को सुरक्षित और समय पर राखियां भेजने में मदद करेगी। विशेष काउंटर प्रतिदिन सुबह 6 बजे से रात 8 बजे तक संचालित होंगे, जिससे लंबी प्रतीक्षा से बचा जा सकेगा। डाकघरों में रंग-बिरंगी राखी पोस्ट पेटियां भी लगाई गई हैं, जिनसे राखियों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र भेजा जाएगा। विभाग ने नागरिकों से समय रहते बुकिंग कराने की अपील की है ताकि भीड़ से बचा जा सके और राखियां समय पर पहुंचें।
रक्षाबंधन पर भोपाल से रीवा, सतना, मैहर और विंध्य क्षेत्र जाने वाले यात्रियों को राहत देने के लिए रेलवे ने भोपाल-रीवा मार्ग पर चार जोड़ी सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेनें चलाने का निर्णय लिया है। पश्चिम मध्य रेलवे द्वारा 25 से 31 अगस्त के बीच संचालित होने वाली ये ट्रेनें यात्रियों को कन्फर्म टिकट और सुविधाजनक यात्रा प्रदान करेंगी। इनमें भोपाल और रीवा के बीच विभिन्न समय पर चलने वाली सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेनें शामिल हैं, जिनका ठहराव प्रमुख स्टेशनों पर होगा।
रेलवे ने बढ़ती यात्री भीड़ और लंबी वेटिंग को देखते हुए कानपुर सेंट्रल-मदुरई स्पेशल ट्रेन (01925/01926) के चार अतिरिक्त फेरे चलाने का निर्णय लिया है। यह ट्रेन 5 अगस्त से 29 अगस्त तक प्रत्येक बुधवार और शनिवार को संचालित होगी। भोपाल मंडल से गुजरने के कारण भोपाल, बीना और इटारसी के यात्रियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। यह अतिरिक्त सेवा दक्षिण भारत जाने वाले यात्रियों के लिए कन्फर्म टिकट की उपलब्धता बढ़ाएगी और वेटिंग लिस्ट का दबाव कम करेगी, विशेषकर अगस्त में त्योहारों, परीक्षाओं और इलाज के लिए यात्रा करने वालों को राहत मिलेगी।
यात्रियों की बढ़ती संख्या के कारण रेलवे ने प्रयागराज-हजरत निजामुद्दीन साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन की संचालन अवधि अगस्त अंत तक बढ़ा दी है। ट्रेन 04123 अब 5 से 30 अगस्त तक बुधवार व रविवार को, जबकि ट्रेन 04124, 6 से 31 अगस्त तक गुरुवार व सोमवार को चलेगी। इस दौरान कुल आठ अतिरिक्त फेरे लगाए जाएंगे और ट्रेन 22 कोचों के साथ संचालित होगी। ट्रेन का विस्तृत मार्ग और समय-सारणी भी जारी की गई है।
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रयागराज और तिरुनेलवेली के बीच एक विशेष ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। यह ट्रेन सतना, कटनी, जबलपुर और इटारसी सहित नागपुर, बल्लारशाह, वारंगल, विजयवाड़ा, रेनीगुंटा और मदुरै जैसे प्रमुख स्टेशनों से होकर गुजरेगी। गाड़ी संख्या 04171 प्रयागराज–तिरुनेलवेली स्पेशल 1 अगस्त से 22 अगस्त तक प्रत्येक शनिवार को चार फेरों में चलेगी, जबकि वापसी में गाड़ी संख्या 04172 तिरुनेलवेली–प्रयागराज स्पेशल 3 अगस्त से 24 अगस्त तक प्रत्येक सोमवार को चार ट्रिप में संचालित होगी। ट्रेन में कुल 19 कोच हैं, जिनमें स्लीपर, थर्ड एसी, जनरल और एसएलआर/डी शामिल हैं।
सूरत-विरार रेलखंड पर भारी बारिश से प्रभावित मुंबई रूट की ट्रेनों की आवाजाही अब सामान्य हो गई है। 10 जुलाई से रद्द इंदौर-दौंड एक्सप्रेस मंगलवार से फिर चलेगी, जिससे पुणे के यात्रियों को लाभ होगा। अवंतिका एक्सप्रेस, इंदौर-मुंबई एसी एक्सप्रेस और दुरंतो सहित सभी मुंबई रूट की ट्रेनें शुरू हो चुकी हैं। रेलवे ने महू-इंदौर-पटना साप्ताहिक एक्सप्रेस के फेरे 1 और 2 अक्टूबर तक बढ़ा दिए हैं, साथ ही मध्य प्रदेश, बिहार, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और उत्तराखंड को जोड़ने वाली 10 अन्य स्पेशल ट्रेनों के फेरे भी सितंबर तक बढ़ाए गए हैं।
रेलवे ने यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए यशवंतपुर (बेंगलुरु)-कोटा वन-वे स्पेशल ट्रेन (06591) आज से चलाने का निर्णय लिया है। यह ट्रेन भोपाल मंडल के इटारसी और भोपाल होकर गुजरेगी। 24 जुलाई को यह भोपाल स्टेशन पर दोपहर 3 बजे पहुंचेगी और 3:10 बजे कोटा के लिए प्रस्थान करेगी। इस विशेष ट्रेन से भोपाल और आसपास के यात्रियों को लाभ मिलेगा। बेंगलुरु रूट पर लंबी वेटिंग को देखते हुए, यह अतिरिक्त ट्रेन कन्फर्म सीट मिलने की संभावना बढ़ाएगी और अंतिम समय के यात्रियों को राहत देगी। इसका विशेष लाभ आईटी पेशेवरों, छात्रों, नौकरीपेशा लोगों और चिकित्सा कारणों से दक्षिण भारत यात्रा करने वालों को होगा।