फुटबॉल का सालाना बाजार 100 बिलियन डॉलर (लगभग 9.6 लाख करोड़ रुपए) से अधिक हो गया है, जो 95 देशों की जीडीपी से ज्यादा है। फीफा, क्लब, ब्रॉडकास्टर्स और कॉर्पोरेट घराने मिलकर इस विशाल वित्तीय इकोसिस्टम का निर्माण करते हैं। आय के प्रमुख स्रोतों में विश्व कप और चैंपियंस लीग के बड़े प्राइज पूल, प्रसारण अधिकार, खिलाड़ियों की ट्रांसफर फीस और साइनिंग-ऑन बोनस शामिल हैं। जर्सी स्पॉन्सरशिप, स्टेडियम के नामकरण अधिकार और सोशल मीडिया एंगेजमेंट से भी भारी कमाई होती है।
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मैचों के टाइटल स्पॉन्सरशिप राइट्स के लिए टेंडर जारी किया है। मौजूदा स्पॉन्सर IDFC फर्स्ट बैंक का तीन साल का करार अगस्त 2026 में खत्म होगा। बोर्ड ने एसोसिएट पार्टनर राइट्स के लिए भी आवेदन मांगे हैं। चुनी गई कंपनी को पुरुष और महिला टीमों के टेस्ट, वनडे, टी20 इंटरनेशनल मैचों के साथ रणजी ट्रॉफी जैसे घरेलू टूर्नामेंटों के अधिकार मिलेंगे। टेंडर पेपर खरीदने की अंतिम तारीख 4 अगस्त और बिड जमा करने की आखिरी तारीख 13 अगस्त है।