ग्वालियर नगर निगम परिषद की विशेष बैठक आज दोपहर 3 बजे जल विहार स्थित परिषद सभागार में नगर निगम परिषद अध्यक्ष मनोज सिंह तोमर की अध्यक्षता में होगी। शहर के विकास और निगम प्रशासन से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर निर्णय लिए जाने की संभावना है। पिछली बैठक अधिकारियों की अनुपस्थिति के कारण स्थगित कर दी गई थी। इस बार स्मार्ट सिटी परियोजनाओं, सड़कों की स्थिति, निविदा प्रकरणों और श्मशान घाटों से संबंधित प्रस्तावों पर चर्चा होगी। प्रशासन और जनप्रतिनिधियों दोनों के लिए यह बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
ग्वालियर में दो-तीन दिनों की वर्षा से शहर की सड़कें बदहाल हो गई हैं, जिससे नगर निगम के समय पर निर्माण और पैच रिपेयरिंग में लापरवाही उजागर हुई है। करोड़ों की लागत से बनी ट्रांसपोर्ट नगर की सड़कों में भी जलभराव और बड़े गड्ढे हैं, जिससे व्यापारी और ट्रांसपोर्टर परेशान हैं। कारोबारियों ने सड़क की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं, जबकि ठेकेदार राबिन सक्सेना ने 90 प्रतिशत काम पूरा होने का दावा किया है और गिट्टी निकलने की बात से इनकार किया है। झांसी रोड के धंसने के बावजूद अधिकारियों ने कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया। शिंदे की छावनी और सिटी सेंटर जैसे क्षेत्रों में भी सड़कें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हैं।
भोपाल में बहुप्रतीक्षित ई-बस सेवा का व्यावसायिक संचालन गुरुवार को शुरू हो गया। पहले दिन बैरागढ़ डिपो से दो रूटों पर 10 एसी बसें उतारी गईं, जो सुबह 6 बजे से रात 8 बजे तक चलीं। इन बसों से लगभग 2000 यात्रियों ने यात्रा की, जिससे 26 हजार रुपये का किराया प्राप्त हुआ। शहर के लिए स्वीकृत 100 ई-बसों में से 30 आ चुकी हैं। ई-बसों में डिजिटल डिस्प्ले, चलो ऐप से लाइव लोकेशन, ईटीएम टिकटिंग और यूपीआई भुगतान जैसी तकनीकी सुविधाएँ उपलब्ध हैं। दिव्यांग यात्रियों के लिए हाइड्रोलिक रैंप और अलग स्थान भी बनाए गए हैं।
भोपाल स्मार्ट सिटी की 5.36 करोड़ रुपये की स्मार्ट साइकिल और ई-बाइक परियोजना रखरखाव के अभाव में विफल हो गई है। वर्ष 2017 में शुरू हुई इस योजना के तहत 500 स्मार्ट साइकिलें और ई-बाइक कबाड़ में बदल गईं, जिन्हें शहर से हटाकर आइएसबीटी गोदाम में रखा गया है। अब स्मार्ट सिटी कंपनी ने नई एजेंसी के माध्यम से परियोजना को नए सिरे से शुरू करने की तैयारी की है। इस बार केवल चार प्रमुख रूटों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, ताकि पिछली गलतियों से बचा जा सके और आधुनिक सुविधाओं के साथ बेहतर संचालन सुनिश्चित किया जा सके।