मध्य प्रदेश का पहला सेंटर फॉर एक्सीलेंस इन मेंटल हेल्थ का निर्माण कार्य इंदौर के बाणगंगा स्थित मानसिक चिकित्सालय में 22 करोड़ 23 लाख रुपए की लागत से हो रहा है, जो 4 साल बाद भी अधूरा है। यह परियोजना 2 साल में पूरी होनी थी। वर्तमान में अतिरिक्त बजट की आवश्यकता, संशोधित अनुमान की स्वीकृति का इंतजार और फंड की कमी के कारण काम रुका हुआ है। पहले भी यह प्रोजेक्ट तीन बार ठप हो चुका है। केंद्र और राज्य सरकार की 60:40 वित्तीय भागीदारी में राज्य के हिस्से की राशि जारी होने में देरी भी एक कारण है।
दिल्ली की द्वारका पुलिस साइबर सेल ने इंदौर में एक गैर-कानूनी साइबर कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है, जिसमें 6 आरोपी गिरफ्तार किए गए और 28 कंप्यूटर जब्त हुए। यह रैकेट ऑनलाइन धोखाधड़ी में शामिल था। इंदौर पुलिस को हालांकि इस कार्रवाई की जानकारी नहीं मिली थी। इसी बीच, इंदौर में प्रदेश के पहले मेंटल हेल्थ सेंटर का 22 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट भी 4 साल में पूरा नहीं हो सका है। सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में डिजिटल अरेस्ट स्कैम के खिलाफ कड़े निर्देश जारी किए हैं, जिसमें आरबीआई को एसओपी बनाने और राज्यों को जागरूकता अभियान चलाने को कहा गया है।