जबलपुर जिला उपभोक्ता आयोग ने आदित्य बिरला हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी को एक बीमाधारक का मेडिक्लेम मनमाने ढंग से निरस्त करने पर 1,07,613 रुपये ब्याज सहित चुकाने का आदेश दिया है। आयोग ने कंपनी को सेवा में कमी का दोषी पाया। जबलपुर निवासी रोहित जैन ने न्यूमोनाइटिस के उपचार पर 1.07 लाख रुपये से अधिक खर्च किए थे, जिसका दावा कंपनी ने 20 मार्च, 2021 को अस्पष्ट आधार पर खारिज कर दिया था। आयोग ने कंपनी को मानसिक कष्ट के लिए 5,000 रुपये और वाद व्यय के लिए 2,000 रुपये अतिरिक्त देने का भी निर्देश दिया है। भुगतान 45 दिन के भीतर करना होगा।
प्रदेश के लगभग 12 लाख अधिकारियों-कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए वर्ष 2019 से प्रस्तावित कैशलेस स्वास्थ्य बीमा योजना में आपातकालीन चिकित्सा प्रतिपूर्ति राशि को लेकर उलझन बनी हुई है। मूल प्रस्ताव पांच लाख रुपये की प्रतिपूर्ति का था, लेकिन अधिकारियों के बीच डेढ़ से दो लाख रुपये की सीमा रखने पर मतभेद हैं, ताकि दुरुपयोग रोका जा सके। स्टेट हेल्थ एजेंसी ने ड्राफ्ट तैयार किया है, जिसमें पेंशनर भी शामिल हैं। हालांकि, परिवार चिकित्सा प्रतिपूर्ति और पेंशनरों के परिवार की परिभाषा जैसे कई मुद्दे अभी भी अनसुलझे हैं।