बालाघाट में 25 और 26 अगस्त को मलेरिया संक्रमण से लवकुश (6) और माही (4) नामक दो बच्चों की मौत हो गई, जिससे सरकारी रिकॉर्ड में मरने वाले बच्चों की संख्या 10 हो गई है। लवकुश के शव को उनके माता-पिता की गैरमौजूदगी में जल्दबाजी में दफनाने को लेकर जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगे हैं। परिजनों और ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। प्रशासन का कहना है कि अंतिम संस्कार दादा-दादी की सहमति से हुआ, जबकि सीएमएचओ ने मलेरिया से मौत के मामलों में पोस्टमार्टम न होने की बात कही।
ग्वालियर में आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवायोजन, अभिलेख संधारण और भुगतान में अनियमितताओं के चलते फार्मासिस्ट ग्रेड-दो विकास यादव को निलंबित कर दिया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एमएस सागर ने यह आदेश जारी किया। जांच में प्रथम दृष्टया वित्तीय अनियमितता और कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही सामने आई। स्वीकृत पदों से अधिक कर्मचारियों की भर्ती और बिना वाहन के ड्राइवरों की नियुक्ति से शासन पर अनावश्यक वित्तीय भार पड़ा। विकास यादव पर अपेक्षित नियंत्रण और पर्यवेक्षण न रखने का भी आरोप है।
सागर जिले में संदिग्ध जहरीली शराब के सेवन से अब तक 18 लोगों की मौत हो चुकी है। जिला प्रशासन, पुलिस और आबकारी विभाग ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए बंडा क्षेत्र की छह शराब दुकानों को सील कर दिया है और सैंपल जांच के लिए भेजे हैं। प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर स्क्रीनिंग कर रही हैं। कलेक्टर ने लक्षणों वाले लोगों से तुरंत स्वास्थ्य केंद्र संपर्क करने की अपील की है। विधायक और नेता प्रतिपक्ष ने पीड़ितों से मुलाकात की। एक भाजपा नेता पर शराब आपूर्ति का आरोप है।
भोपाल में फार्मासिस्ट ग्रेड-2 भर्ती परीक्षा 2023 के चयनित अभ्यर्थी लंबित नियुक्ति को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की तैयारी में हैं। उन्होंने बताया कि एक सप्ताह की शांतिपूर्ण हड़ताल के बावजूद शासन और स्वास्थ्य विभाग से कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला है। अभ्यर्थियों की मुख्य मांग तत्काल नियुक्ति और जबलपुर व इंदौर हाई कोर्ट के आदेशों का पालन है। वे स्वास्थ्य विभाग पर मनमानी का आरोप लगाते हुए आंदोलन तेज करने की चेतावनी दे रहे हैं।
मध्य प्रदेश में इंटर्न डॉक्टरों का तीन दिवसीय आंदोलन सरकार द्वारा स्टाइपेंड में 50% वृद्धि की घोषणा के बाद समाप्त हो गया है। अब इंटर्न डॉक्टरों को प्रतिमाह 21,500 रुपये मिलेंगे। उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने यह घोषणा की, जिसके बाद डॉक्टरों ने आभार व्यक्त किया। आंदोलन के दौरान छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और वाटर कैनन के इस्तेमाल के मामले में दो पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच किया गया है और उच्च स्तरीय जांच के लिए टीम गठित की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दुबई से लगातार संपर्क में थे।
उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने इंटर्न डॉक्टरों पर वाटर कैनन के इस्तेमाल को अनावश्यक बताया। उन्होंने कहा कि कुछ अधिकारियों की नासमझी के कारण हालात बिगड़े और मुख्यमंत्री भी इस घटना से नाराज हैं। संबंधित दो अधिकारियों को लाइन अटैच कर निष्पक्ष जांच शुरू की गई है। शुक्ल ने कल्पना मिश्रा की मौत और अन्य घटनाओं पर तत्काल कार्रवाई की बात कही। उन्होंने रीवा में स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास और मातृ-शिशु मृत्यु दर में सुधार के प्रयासों पर भी प्रकाश डाला, कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए। डॉक्टरों की निजी प्रैक्टिस पर भी उन्होंने दिशा-निर्देश दिए।
बालाघाट के बैगा आदिवासी बहुल क्षेत्रों में कुपोषण, खसरा और मलेरिया से 26 बच्चों की मृत्यु के बाद 67 नए चिकित्सा अधिकारी तैनात किए गए हैं। उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए शत-प्रतिशत टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं के समय पर पंजीयन व जांच और उच्च जोखिम वाली महिलाओं के नियमित फॉलोअप के निर्देश दिए। उन्होंने संस्थागत प्रसव और दूरस्थ क्षेत्रों में प्रसव प्रतीक्षा गृहों को प्रभावी बनाने पर जोर दिया। कर्मचारियों के प्रभावी उपयोग और चिकित्सकों की मैदानी उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। जनजातीय कार्य मंत्री डॉ.
रीवा मेडिकल कॉलेज की सहायक प्राध्यापक डॉ. सोनल अग्रवाल की सेवाएं 16 सितंबर 2026 को समाप्त कर दी गईं। यह कार्रवाई मरीजों को निजी नर्सिंग होम भेजने की शिकायत पर हुई, जिसकी जांच रिपोर्ट और अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश साढ़े तीन साल पहले 1 मार्च 2023 को एक उच्चस्तरीय समिति ने की थी। अब सवाल यह उठ रहा है कि जांच पूरी होने के बाद अंतिम निर्णय लेने में इतना लंबा समय क्यों लगा। चिकित्सा शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर भी प्रश्नचिह्न लगे हैं और देरी के लिए जवाबदेही तय करने की मांग की जा रही है। अधिकारियों ने इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।
शहडोल जिले के बुढ़ार में स्वास्थ्य विभाग ने शनिवार को मरीजों के इलाज में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर दो क्लीनिक सील कर दिए। टीम ने डॉ. केएन गुप्ता के क्लीनिक से एक्सपायरी दवाएं जब्त कीं, क्योंकि उनका पंजीयन केवल कंसल्टेंसी के लिए था, फिर भी वे मरीजों को दवाएं दे रहे थे। वहीं, खैराहा रोड स्थित अभयराज हास्पिटल में बीपीटी पंजीयन वाले डॉ. अभयराज मरीजों को भर्ती कर एलोपैथिक इलाज दे रहे थे। दोनों क्लीनिकों से दवाएं जब्त कर उन्हें सील कर दिया गया है। विभाग ने जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की बात कही है।
आयुष्मान भारत योजना के तहत करोड़ों के भुगतान को लेकर मध्य प्रदेश में निजी अस्पतालों की एक माह से अधिक समय से चल रही हड़ताल समाप्त हो गई है। यूनाइटेड प्राइवेट हॉस्पिटल्स डायरेक्टर्स एसोसिएशन के बैनर तले 400 से अधिक अस्पताल हड़ताल पर थे। सरकार ने अस्पताल संचालकों की तीनों प्रमुख मांगों को मान लिया है। इनमें पोर्टल-1 के लंबित भुगतान के लिए एनएचए से पत्राचार, पोर्टल-2 के एक लाख से अधिक ऑडिट क्लेम के लिए 50 एमबीबीएस डॉक्टरों की टीम का गठन और एनएबीएच प्रमाण पत्र विवाद पर राहत शामिल है। स्वास्थ्य विभाग और एसोसिएशन के बीच बुधवार देर रात बैठक में सहमति बनी।