छतरपुर जिले के बड़ामलहरा स्थित सिविल अस्पताल में शव वाहन उपलब्ध न होने के कारण एक मृतक के शव को नगर परिषद के कचरा वाहन से ले जाया गया। इस घटना का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों में नाराजगी फैल गई और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेंद्र प्रसाद गुप्ता ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बड़ामलहरा के बीएमओ से स्पष्टीकरण मांगा है। उन्होंने बताया कि जिला मुख्यालय पर दो शव वाहन उपलब्ध हैं और जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
पन्ना शहर में सफाई के दौरान जमीन में दफन एक अविकसित मानव भ्रूण मिला, जिसके बाद हड़कंप मच गया। पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर भ्रूण को कब्जे में लिया और जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस मैस्कट अस्पताल पहुंची, जहां प्रसूति वार्ड के रजिस्टर और सीसीटीवी फुटेज की गहनता से जांच की गई। कोतवाली थाना प्रभारी रोहित मिश्रा ने बताया कि मर्ग कायम कर भ्रूण की उत्पत्ति, निस्तारण में लापरवाही और जिम्मेदार व्यक्तियों की वैज्ञानिक आधार पर जांच की जा रही है। शहर में पहले भी ऐसे भ्रूण मिल चुके हैं, जिससे स्वास्थ्य संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।