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इंदौर: ‘वन नेशन-वन स्टाइपेंड’ और लाठीचार्ज के विरोध में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल, एमवाय अस्पताल में सेवाएं प्रभावित

इंदौर के महाराजा यशवंतराव अस्पताल में जूनियर डॉक्टरों ने ‘वन नेशन-वन स्टाइपेंड’ की मांग और भोपाल में प्रदर्शनकारियों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में हड़ताल शुरू कर दी है। इस हड़ताल के कारण चिकित्सा सेवाएं प्रभावित हुई हैं और सैकड़ों मरीज परेशान हैं। चिकित्सक देशभर में समान मानदेय व्यवस्था लागू करने और भोपाल में बल प्रयोग करने वाले दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। अस्पताल प्रबंधन ने दावा किया है कि वैकल्पिक व्यवस्था कर ओपीडी और आपातकालीन सेवाएं सुचारु रखी गई हैं तथा वरिष्ठ चिकित्सकों को तैनात किया गया है।

मध्य प्रदेश में सितंबर में 9 दिन प्रभावित रहेंगी बैंकिंग सेवाएं: 40 हजार कर्मचारी हड़ताल में शामिल होने की आशंका

मध्य प्रदेश में सितंबर महीने में बैंक यूनियनों की प्रस्तावित हड़ताल और छुट्टियों के कारण 9 दिन बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। इससे प्रदेश की करीब 7 हजार बैंक शाखाओं में कामकाज बाधित होने की आशंका है, जिसमें लगभग 40 हजार कर्मचारी शामिल हो सकते हैं। कैश जमा-निकासी, चेक क्लियरेंस, केवाईसी और लॉकर जैसी सेवाएं प्रभावित होंगी। बैंकिंग कामकाज दो चरणों में प्रभावित होगा। यूनियनों की मुख्य मांगों में पांच दिवसीय कार्य सप्ताह, पेंशन अपडेशन और नई भर्ती शामिल हैं। बुधवार को सरकार और बैंक संगठनों के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक प्रस्तावित है, जिससे हड़ताल का भविष्य तय होगा।

ग्वालियर के हजार बिस्तर अस्पताल में इलाज के अभाव में मरीज की मौत, जूनियर डॉक्टरों ने की हड़ताल

ग्वालियर के हजार बिस्तर अस्पताल में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल के दौरान एक 60 वर्षीय मरीज रतीराम की इलाज के अभाव में मौत हो गई। डॉक्टरों ने मंगलवार रात उन पर हुए हमले के बाद सुरक्षा की मांग पर काम बंद कर दिया था। दतिया से आए रतीराम को पर्चा बनने और प्रारंभिक जांचों के बावजूद भर्ती नहीं किया गया, और उन्होंने अस्पताल के फर्श पर दम तोड़ दिया। अस्पताल अधीक्षक डॉ. सुधीर सक्सेना ने मरीज की मौत की सूचना न मिलने की बात कही है।

जबलपुर में 26 से 30 सितंबर तक बैंक बंद रहेंगे

जबलपुर में बैंक 26 से 30 सितंबर तक लगातार पांच दिनों के लिए बंद रहेंगे। 26 और 27 सितंबर को शनिवार और रविवार का शासकीय अवकाश है, जिसके बाद बैंक कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर 28 से 30 सितंबर तक हड़ताल पर रहेंगे। इस दौरान नकद जमा-निकासी, चेक क्लियरेंस सहित कई बैंकिंग सेवाएं प्रभावित होंगी, जिससे ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। बैंक कर्मचारी पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह लागू करने की मांग कर रहे हैं। ग्राहकों को सलाह दी गई है कि वे 25 सितंबर तक अपने आवश्यक बैंकिंग कार्य पूरे कर लें।

मध्य प्रदेश में सोमवार से 30 सितंबर तक बैंक हड़ताल, 5 दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग

मध्य प्रदेश में लगभग 40 हजार बैंक कर्मचारी 5 दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग को लेकर सोमवार से 30 सितंबर तक हड़ताल पर रहेंगे। भारतीय रिजर्व बैंक ने जनता की सुविधा के लिए रविवार को सरकारी बैंकों को खुला रखने का विशेष आदेश दिया था, ताकि लगातार 5 दिन की बैंक बंदी से बचा जा सके। इस हड़ताल से प्रदेश की 7 हजार शाखाओं में कामकाज ठप रहेगा, जिसमें भोपाल, इंदौर और उज्जैन की कई शाखाएं शामिल हैं। दैनिक 5500 करोड़ रुपये का बैंकिंग लेन-देन प्रभावित होगा, हालांकि डिजिटल सेवाएं जारी रहेंगी।

मध्य प्रदेश में पटवारियों को 24 घंटे में काम पर लौटने का अल्टीमेटम, सेवा समाप्ति की चेतावनी

मध्य प्रदेश प्रशासन ने स्वामित्व योजना के विरोध में सामूहिक अवकाश पर गए पटवारियों को 24 घंटे में काम पर लौटने का अल्टीमेटम दिया है। विशेष रूप से परिवीक्षाधीन पटवारियों को चेतावनी दी गई है कि निर्धारित समय-सीमा में कार्यभार ग्रहण न करने पर उनकी सेवाएं मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियमों के तहत समाप्त कर दी जाएंगी। प्रशासन ने सामूहिक अवकाश को अनधिकृत अनुपस्थिति मानते हुए पटवारियों का वेतन काटने के आदेश भी दिए हैं। पूर्व में तीन परिवीक्षाधीन पटवारियों की सेवाएं समाप्त की जा चुकी हैं, जिसके विरोध में 1000 से अधिक पटवारियों ने प्रदर्शन किया था।

आयुष्मान भारत योजना: निजी अस्पतालों की हड़ताल समाप्त, सरकार ने तीनों मांगें मानीं

आयुष्मान भारत योजना के तहत करोड़ों के भुगतान को लेकर मध्य प्रदेश में निजी अस्पतालों की एक माह से अधिक समय से चल रही हड़ताल समाप्त हो गई है। यूनाइटेड प्राइवेट हॉस्पिटल्स डायरेक्टर्स एसोसिएशन के बैनर तले 400 से अधिक अस्पताल हड़ताल पर थे। सरकार ने अस्पताल संचालकों की तीनों प्रमुख मांगों को मान लिया है। इनमें पोर्टल-1 के लंबित भुगतान के लिए एनएचए से पत्राचार, पोर्टल-2 के एक लाख से अधिक ऑडिट क्लेम के लिए 50 एमबीबीएस डॉक्टरों की टीम का गठन और एनएबीएच प्रमाण पत्र विवाद पर राहत शामिल है। स्वास्थ्य विभाग और एसोसिएशन के बीच बुधवार देर रात बैठक में सहमति बनी।

पटवारियों की हड़ताल को चुनौती देने वाली जनहित याचिका खारिज

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने पटवारियों की हड़ताल को चुनौती देने वाली जनहित याचिका खारिज कर दी है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया और न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की युगलपीठ ने यह फैसला पटवारी संघ द्वारा हड़ताल वापस लेने की जानकारी दिए जाने के बाद सुनाया। यह याचिका नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के पी.जी. नाजपांडे और रजत भार्गव ने दायर की थी। याचिका में चार अगस्त से जारी पटवारियों की हड़ताल से राजस्व कार्यों और आम जनता को हो रही परेशानियों का उल्लेख किया गया था। याचिकाकर्ताओं ने सरकारी कर्मचारियों के हड़ताल के अधिकार पर सवाल उठाते हुए न्यायालय से हस्तक्षेप की मांग की थी।

जबलपुर में आज से बढ़ा बस किराया, परिवहन विभाग ने जारी की अधिसूचना

जबलपुर में परिवहन विभाग द्वारा बस किराए में बढ़ोतरी की अधिसूचना जारी होने के बाद शुक्रवार, 7 अगस्त से नई दरें लागू हो गई हैं। प्रति किलोमीटर किराया 1.25 रुपये से बढ़कर 2 रुपये हो गया है, जबकि न्यूनतम किराया 7 से 10 रुपये हो गया है। अधिकांश रूटों पर 20 से 100 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इसके साथ ही, मध्य प्रदेश बस एसोसिएशन ने अपनी प्रदेशव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल स्थगित कर दी है। परिवहन मंत्री के साथ चार दौर की चर्चा के बाद सात सूत्रीय मांगों पर सहमति बनने के बाद यह निर्णय लिया गया, जिससे प्रदेशभर में बस संचालन सामान्य रहेगा।

पटवारियों की हड़ताल के खिलाफ मप्र हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर

मध्य प्रदेश में चार अगस्त से चल रही पटवारियों की हड़ताल के खिलाफ मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है। नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के पीजी नाजपांडे और रजत भार्गव द्वारा दायर इस याचिका में हड़ताल से आम नागरिकों को हो रही परेशानी और राजस्व कार्यों के प्रभावित होने का हवाला दिया गया है। याचिका में तर्क दिया गया है कि शासकीय कर्मचारियों को जनसेवा से जुड़े दायित्वों के कारण हड़ताल का अधिकार नहीं है। अधिवक्ता दिनेश उपाध्याय याचिकाकर्ताओं की पैरवी कर रहे हैं और इस पर जल्द सुनवाई की संभावना है।