श्रावण मास की हरियाली अमावस्या पर 12 अगस्त को पूर्ण सूर्य ग्रहण लगेगा। यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, जिसके कारण सूतक काल मान्य नहीं होगा और धार्मिक अनुष्ठान सामान्य रूप से किए जा सकेंगे। ज्योतिषाचार्य सुनील चोपड़ा के अनुसार, हरियाली अमावस्या प्रकृति, पर्यावरण और धार्मिक आस्था से जुड़ा पर्व है। इस दिन भगवान शिव की पूजा, तर्पण और पौधारोपण का विशेष महत्व है। ग्रहण भारतीय समयानुसार रात 9 बजकर 4 मिनट से शुरू होकर देर रात 1 बजकर 27 मिनट तक रहेगा। अगस्त माह में 28 अगस्त को आंशिक चंद्र ग्रहण भी होगा, जो भारत में अदृश्य रहेगा।
श्रावण कृष्ण पक्ष की हरियाली अमावस्या पर बुधवार सुबह उज्जैन के बाबा महाकाल मंदिर में भस्म आरती के दौरान हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। भक्तों ने देर रात से ही कतार में लगकर दर्शन किए। बाबा महाकाल को हरी भांग और हरे बेल पत्र की माला से श्रृंगारित किया गया, जिससे उनका अलौकिक स्वरूप नजर आया। श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा ने बताया कि भस्म आरती रात 3 बजे शुरू हुई, जिसमें भगवान का पंचामृत से जलाभिषेक किया गया। यह बदलाव आश्विन मास की पूर्णिमा तक जारी रहेगा।