इंदौर नगर निगम शहर के 300 उपेक्षित उद्यानों के कायाकल्प की विस्तृत योजना पर कार्य कर रहा है। निगम के 1400 से अधिक बगीचों में से ये उद्यान देखरेख और पानी की कमी के कारण बदहाल थे, जिससे पौधारोपण भी रुका हुआ था। लगभग 1100 बगीचे पहले ही संवारे जा चुके हैं। अब शेष 300 उद्यानों में बाउंड्रीवॉल, खेल उपकरण, पाथवे, बेंच और पानी की आपूर्ति के लिए बोरिंग जैसे कार्य किए जाएंगे। प्रथम चरण में हवा बंगला, विजयनगर, बिलावली और राजेंद्रनगर जोन के 15 बगीचों का कायाकल्प शुरू हो गया है।
इंदौर में लगातार कम होती हरियाली के संकट के बीच कई नागरिक अपने घरों में ही हरित क्षेत्र विकसित कर रहे हैं। वे आंगन, छत और बालकनी को बगीचों में बदल रहे हैं, जहां फलदार, फूलदार और औषधीय पौधे लगाए गए हैं। राजेश राठी, सीमा लक्ष्यसेन, अनिल जैन और दिव्या माथुर जैसे व्यक्तियों ने अपने घरों में लगभग 80 से 250 पौधे लगाए हैं। उन्होंने पक्षियों के लिए पानी और दाने की व्यवस्था भी की है, जिससे उनके घरों में पक्षियों और तितलियों की उपस्थिति बढ़ गई है। यह पहल न केवल घर का तापमान कम रखती है बल्कि दूसरों को भी प्रेरित कर रही है।