अस्थि दिव्यांग हिमांशु सोनी ने घर पर ऑनलाइन तैयारी कर एमपीपीएससी परीक्षा उत्तीर्ण की और जबलपुर में डिप्टी कलेक्टर का पद संभाला। सीमित संसाधनों और शारीरिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने राज्य प्रशासनिक सेवा में स्थान बनाया। पहले ही दिन उन्होंने व्हीलचेयर पर जनसुनवाई में भाग लिया, 124 आवेदनों पर सुनवाई की और अधिकारियों को समयबद्ध निराकरण के निर्देश दिए। उनके पिता महेंद्र सोनी ने इसे परिवार का गौरवपूर्ण क्षण बताया, कहते हुए कि हिमांशु ने अपनी शारीरिक चुनौती को कभी कमजोरी नहीं बनने दिया, बल्कि आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प से यह मुकाम हासिल किया।
जबलपुर के हिमांशु सोनी ने MPPSC 2024 परीक्षा में डिप्टी कलेक्टर का पद हासिल किया है। उन्होंने दिव्यांग कोटे में पहली रैंक और सामान्य मेरिट लिस्ट में 13वीं रैंक प्राप्त की। गंभीर चोट के बावजूद, हिमांशु ने 28 अगस्त को इंदौर में अपना साक्षात्कार एंबुलेंस से पहुंचकर दिया था। वह पहले भी MPPSC 2022 परीक्षा पास कर चुके थे, लेकिन उनका लक्ष्य डिप्टी कलेक्टर बनना था। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय परिवार और आत्मविश्वास को दिया, विशेषकर अपने सेवानिवृत्त शिक्षक माता-पिता को। हिमांशु ने कहा कि दिव्यांगता सफलता में बाधा नहीं बन सकती।
जबलपुर में नवनियुक्त डिप्टी कलेक्टर हिमांशु सोनी ने मंगलवार को व्हीलचेयर पर पदभार ग्रहण किया। शारीरिक चुनौती के बावजूद घर से ऑनलाइन पढ़ाई कर एमपीपीएससी परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले हिमांशु ने पहले ही दिन कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के साथ जनसुनवाई में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने नागरिकों की भुगतान, मुआवजा और राजस्व से संबंधित 124 समस्याओं को सुना। कलेक्टर ने अधिकारियों को समयबद्ध निराकरण के निर्देश दिए। हिमांशु के पिता ने कहा कि उनके बेटे ने साबित किया कि हौसले के आगे कोई चुनौती बड़ी नहीं होती।