ग्वालियर के जयाआरोग्य अस्पताल समूह (जेएएच) और गजराराजा चिकित्सा महाविद्यालय (जीआरएमसी) के लिए 1000 करोड़ रुपये का मास्टर प्लान सैद्धांतिक रूप से स्वीकृत हो गया है। मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने इस योजना को मंजूरी दी है। यह परियोजना ग्वालियर को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं, मेडिकल शिक्षा, सुपर स्पेशियलिटी उपचार और शोध का केंद्र बनाएगी। दिल्ली के विशेषज्ञ और बीडीसी की टीम द्वारा तैयार इस प्लान में नए भवनों के निर्माण, पुराने भवनों के जीर्णोद्धार और आधुनिक सुविधाओं का विकास शामिल है। इससे हजारों मरीजों और मेडिकल छात्रों को लाभ मिलेगा।
मध्य प्रदेश में बाढ़, भूकंप और महामारी जैसी प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए भोपाल में पहला हेल्थ इमरजेंसी ऑपरेटिंग सेंटर (HEOC) बनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत स्थापित यह केंद्र आपदा मोचन बल के साथ स्वास्थ्य सेवाओं को एकीकृत करेगा। यह आपातकाल में मरीजों को समय पर इलाज पहुंचाने, बीमारियों को फैलने से रोकने और संसाधनों को सही जगह पहुंचाने के लिए 24 घंटे काम करेगा। विशेषज्ञ टीमें तैनात होंगी और टेलीमेडिसिन के माध्यम से दूरदराज के मरीजों को भी सलाह मिलेगी।