मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की पदोन्नति में सीपीसीटी (कंप्यूटर प्रवीणता एवं प्रमाणन परीक्षा) की अनिवार्यता समाप्त करने के निर्देश दिए हैं। इस शर्त के कारण हजारों पात्र कर्मचारियों की पदोन्नतियां रुकी हुई थीं, और कुछ विभागों ने तो पदोन्नति आदेश निरस्त भी कर दिए थे। मुख्यमंत्री के इस निर्णय से 6 से 7 हजार कर्मचारी लाभान्वित होंगे और निरस्त किए गए पदोन्नति आदेश भी वापस लिए जाएंगे। सामान्य प्रशासन विभाग जल्द ही इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी करेगा।