मध्य प्रदेश में शिक्षा का अधिकार (आरटीई) के तहत निजी स्कूलों को दो शैक्षणिक सत्रों 2024-25 और 2025-26 की फीस प्रतिपूर्ति राशि का भुगतान नहीं किया गया है। प्रतिवर्ष लगभग 400 करोड़ रुपये की यह राशि लंबित होने के कारण कई निजी स्कूल आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को स्थानांतरण प्रमाण पत्र (टीसी) जारी करने से मना कर रहे हैं। वे दो वर्षों की फीस जमा करने की शर्त रख रहे हैं, जिससे छात्रों को दूसरे स्कूलों में प्रवेश में दिक्कत आ रही है। अभिभावकों ने जिला शिक्षा अधिकारी और जनसुनवाई में शिकायतें दर्ज कराई हैं।