मध्य प्रदेश विधानसभा ने मध्य प्रदेश फायर सेफ्टी एवं इमरजेंसी सर्विस विधेयक पारित किया है। इस नए कानून के तहत फायर सेफ्टी नियमों के उल्लंघन पर 5 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा। इसका उद्देश्य आगजनी की घटनाओं की रोकथाम और आपातकालीन राहत कार्यों को प्रभावी बनाना है। विधेयक में एकीकृत फायर सेफ्टी एवं इमरजेंसी सर्विस के गठन, निदेशालय की स्थापना और आधुनिक फायर स्टेशन बनाने का प्रावधान है। भवन निर्माण से पहले फायर प्लान की मंजूरी और एनओसी अनिवार्य होगी, तथा नियमों के उल्लंघन पर कड़े जुर्माने और कर्मचारियों के लिए जेल या वेतन कटौती का प्रावधान है।