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मध्यप्रदेश में 233 नए डेंटल सर्जन की भर्ती प्रक्रिया शुरू

मध्यप्रदेश के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी को दूर करने के उद्देश्य से लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने 233 नए डेंटल सर्जन की नियुक्ति प्रक्रिया आरंभ की है। MPPSC द्वारा चयनित इन डॉक्टरों को 10 अगस्त शाम 5 बजे तक विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना होगा। रजिस्ट्रेशन न करने पर नियुक्ति रद्द कर दी जाएगी। पोस्टिंग जिला अस्पतालों, सिविल अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और मेडिकल कॉलेजों में ऑनलाइन काउंसलिंग के माध्यम से होगी। पति-पत्नी को एक ही जिले में पोस्टिंग का विकल्प भी मिलेगा, और गलत जानकारी या बिना सूचना के ड्यूटी पर न पहुंचने पर कार्रवाई की जाएगी।

एमपीपीएससी एडीपीओ परीक्षा 18 अक्टूबर को, 107 पदों के लिए 29 सितंबर तक आवेदन

मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) ने सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी (एडीपीओ) परीक्षा-2026 की लिखित परीक्षा की तारीख 18 अक्टूबर निर्धारित की है। अभ्यर्थी 29 सितंबर तक 25 हजार रुपये विलंब शुल्क के साथ आवेदन कर सकेंगे। आयोग ने मार्च में 90 पदों के लिए अधिसूचना जारी की थी, जिसे अभ्यर्थियों की मांग पर जुलाई में 17 पद बढ़ाकर कुल 107 कर दिया गया है। प्रवेश पत्र अक्टूबर के पहले सप्ताह में जारी होंगे, और परीक्षा 10-12 जिलों में तीन-स्तरीय सुरक्षा के साथ आयोजित की जाएगी।

मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग की राज्य सेवा मुख्य परीक्षा 8 अगस्त से 13 अगस्त तक

मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग की राज्य सेवा मुख्य परीक्षा 2025 सागर में 8 अगस्त से 13 अगस्त तक आयोजित की जा रही है। परीक्षार्थियों को परीक्षा शुरू होने से 90 मिनट पहले केंद्र पहुंचना अनिवार्य है, जहाँ उन्हें त्रिस्तरीय जांच प्रक्रिया से गुजरना होगा। इसमें एचएचएमडी फिस्किंग, प्रवेश पत्र स्कैनिंग और बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण शामिल है। शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय, तिली रोड को परीक्षा केंद्र बनाया गया है, जिसमें 98 अभ्यर्थी शामिल होंगे। मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों सहित कई वस्तुएं प्रतिबंधित हैं। परीक्षा की निगरानी के लिए उड़नदस्ते और पर्यवेक्षक नियुक्त किए गए हैं।

असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा: आवेदन की तिथि बढ़ी, 674 पदों के लिए 15 अगस्त तक आवेदन

मध्यप्रदेश लोकसेवा आयोग ने असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा 2025 के तीसरे चरण के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 15 अगस्त तक बढ़ा दी है। कुल 674 पदों के लिए अब तक 14000 आवेदन प्राप्त हुए हैं। अभ्यर्थियों की मांग पर यह निर्णय लिया गया, जिससे लगभग 1000 अतिरिक्त आवेदन आने की उम्मीद है। परीक्षा 4 अक्टूबर को दो सत्रों में होगी, जिसमें सामान्य अध्ययन और संबंधित विषय के प्रश्नपत्र शामिल होंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार प्रतिस्पर्धा कम रहेगी। आयोग का ध्यान वर्तमान में वर्ष 2024 की भर्ती परीक्षाओं के साक्षात्कारों को पूरा करने पर केंद्रित है।

MPPSC 2 अगस्त को 497 पदों के लिए 51 केंद्रों पर भर्ती परीक्षा आयोजित करेगा

मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) 2 अगस्त, रविवार को विभिन्न विभागों में 497 पदों के लिए भर्ती परीक्षाएं आयोजित करेगा। इनमें सहायक प्राध्यापक भर्ती-2025 का दूसरा चरण और सहायक संचालक, पशु चिकित्सा सहायक शल्यज्ञ पदों की लिखित परीक्षा शामिल है। आयोग ने 51 परीक्षा केंद्र बनाए हैं, जहां पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए त्रिस्तरीय जांच व्यवस्था, ऑब्जर्वर, सीसीटीवी निगरानी और बायोमेट्रिक सत्यापन जैसे कड़े इंतजाम किए गए हैं। 20 हजार से अधिक अभ्यर्थी इन परीक्षाओं में शामिल होंगे, जिसके लिए विस्तृत निर्देश जारी किए गए हैं।

MPPSC सहायक प्राध्यापक परीक्षा 2 अगस्त को, केंद्रों पर त्रिस्तरीय जांच प्रक्रिया

मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) सहायक प्राध्यापक परीक्षा-2025 (भाग-2) का आयोजन 2 अगस्त (रविवार) को इंदौर और भोपाल संभाग के केंद्रों पर दो सत्रों में करेगा। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए केंद्रों पर सीसीटीवी, बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण और हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर (HHMD) तलाशी सहित नवीन त्रिस्तरीय जांच प्रक्रिया लागू की गई है। परीक्षार्थियों को 90 मिनट पूर्व पहुंचना अनिवार्य होगा। इसके अतिरिक्त, MPPSC ने असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा-2024 के इकोनॉमिक्स विषय के 112 पदों की अंतिम चयन सूची इंटरव्यू के 24 घंटे के भीतर जारी कर दी है, ताकि चयनित अभ्यर्थी 2 अगस्त की परीक्षा में शामिल न हों।

MPPSC ने 5 साल बाद उत्तर पुस्तिकाएं दिखाने पर लगी रोक हटाई

मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) ने पांच साल बाद उत्तर पुस्तिकाएं दिखाने पर लगी रोक हटा दी है। यह निर्णय विगत वर्षों और 2023 के विशाल छात्र आंदोलनों के बाद लिया गया है। आयोग नवंबर से राज्य सेवा मुख्य परीक्षा 2019 से 2024 तक की उत्तर पुस्तिकाएं दिखाएगा। ओबीसी आरक्षण विवाद के कारण, शुरुआत में 87% अभ्यर्थियों को मौका मिलेगा, जबकि 13% को न्यायालय के अंतिम निर्णय का इंतजार करना होगा। आयोग ने 2025 और 2026 की मुख्य परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाएं भी दिखाने का ऐलान किया है।

एमपीपीएससी ने राज्य सेवा मुख्य परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाएं दिखाने का निर्णय लिया

मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) ने राज्य सेवा मुख्य परीक्षा के अभ्यर्थियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करते हुए उन्हें अपनी उत्तरपुस्तिकाओं का अवलोकन करने की अनुमति दे दी है। सोमवार को जारी अधिसूचना के अनुसार, वर्ष 2019 से 2024 तक की मुख्य परीक्षा की वर्णनात्मक मूल्यांकित उत्तरपुस्तिकाओं के अवलोकन हेतु आवेदन मांगे गए हैं। यह प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से नवंबर 2026 से राज्य सेवा मुख्य परीक्षा-2019 की उत्तरपुस्तिकाओं के साथ शुरू होगी। अभ्यर्थी ऑनलाइन आवेदन कर आयोग कार्यालय में अपनी कॉपी देख सकेंगे, जिससे उन्हें मूल्यांकन प्रक्रिया और अपने प्रदर्शन को समझने में मदद मिलेगी।

MPPSC सहायक प्राध्यापक भर्ती का दूसरा चरण 2 अगस्त को, 417 पदों के लिए 20 हजार से अधिक अभ्यर्थी देंगे परीक्षा

मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) सहायक प्राध्यापक भर्ती परीक्षा-2025 का दूसरा चरण 2 अगस्त को आयोजित करेगा। इसमें छह विषयों के 417 पदों के लिए 20 हजार से अधिक अभ्यर्थी भोपाल और इंदौर के 45 से अधिक केंद्रों पर परीक्षा देंगे। यह भर्ती कुल 19 विषयों में चार चरणों में होनी है, जिसमें पहला चरण 12 जुलाई को हो चुका है। परीक्षा दो सत्रों में होगी, पहले में सामान्य अध्ययन और दूसरे में विषय-विशिष्ट प्रश्नपत्र। अभ्यर्थियों को 45 मिनट पहले पहुंचने और एडमिट कार्ड व वैध पहचान पत्र लाने के निर्देश हैं।

अस्थि दिव्यांग हिमांशु सोनी ने MPPSC उत्तीर्ण कर डिप्टी कलेक्टर का पद संभाला, पहले दिन जनसुनवाई में शामिल

अस्थि दिव्यांग हिमांशु सोनी ने घर पर ऑनलाइन तैयारी कर एमपीपीएससी परीक्षा उत्तीर्ण की और जबलपुर में डिप्टी कलेक्टर का पद संभाला। सीमित संसाधनों और शारीरिक चुनौतियों के बावजूद उन्होंने राज्य प्रशासनिक सेवा में स्थान बनाया। पहले ही दिन उन्होंने व्हीलचेयर पर जनसुनवाई में भाग लिया, 124 आवेदनों पर सुनवाई की और अधिकारियों को समयबद्ध निराकरण के निर्देश दिए। उनके पिता महेंद्र सोनी ने इसे परिवार का गौरवपूर्ण क्षण बताया, कहते हुए कि हिमांशु ने अपनी शारीरिक चुनौती को कभी कमजोरी नहीं बनने दिया, बल्कि आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प से यह मुकाम हासिल किया।