बुलंद सोच, उज्जैन।

उज्जैन-गरोठ हाइवे के क्षतिग्रस्त हिस्से का प्लान अब एनएचएआई की एक्सपर्ट टीम तय करेगी। इस कार्य के लिए बाहर से आए सेवानिवृत्त एनएच अफसरों की तीन सदस्यीय पैनल ने मौके का निरीक्षण कर लिया है।
यह पैनल अब एक रिपोर्ट तैयार करेगी और इस हिस्से में नए सिरे से निर्माण का प्लान बनाएगी। इसका मुख्य उद्देश्य 10 से 17 मीटर की ऊंचाई से गुजरने वाले इस हाइवे को भविष्य में क्षतिग्रस्त होने से बचाना और सिंहस्थ-2028 में यातायात बाधित होने की स्थिति को टालना है।
यह सड़क सिंहस्थ-2028 के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण रहेगी। यह हाइवे राजस्थान के यात्रियों के लिए उपयोगी साबित होगा, वहीं शहरी क्षेत्र के लिए यह मार्ग बायपास का कार्य करेगा। इससे सिंहस्थ यात्री शहरी भीड़ में प्रवेश किए बिना सीधे बायपास होते हुए सिंहस्थ क्षेत्र और घाट तक पहुँच सकेंगे।
हाइवे का देवास रोड क्रॉसिंग से रेलवे पटरी के बीच का हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ है। यह हिस्सा चार-पांच माह में दोनों साइड से धंस गया था। सड़क की ऊंचाई पर होने के कारण यह स्थिति बनी।
विभाग ने अब इस क्षतिग्रस्त हिस्से को तोड़कर नए सिरे से बनाने की योजना बनाई है। निर्माण एजेंसी ने जमीन से 17 मीटर की ऊंचाई से निकले इस क्षतिग्रस्त हिस्से की खुदाई और तोड़ना शुरू कर दिया है। एनएचएआई उज्जैन के परियोजना निदेशक (पीडी) शिवम शर्मा ने बताया कि एक्सपर्ट टीम का निरीक्षण हो चुका है और पैनल में शामिल अधिकारी ही हाइवे के इस हिस्से को बनाने का प्लान बनाएंगे, जिसके अनुसार हाइवे का नए सिरे से निर्माण कराया जाएगा।

