बुलंद सोच, भोपाल।

सुप्रीम कोर्ट ने 79 वर्ष की उम्र पूरी करने पर पेंशनरों को 20 प्रतिशत अतिरिक्त पेंशन का लाभ देने के संबंध में सरकार की विशेष अनुमति और पुनर्विचार याचिकाएं खारिज कर दी हैं।
पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने सरकार से अनुरोध किया है कि यह प्रावधान सभी पात्र पेंशनरों के लिए लागू किया जाए और उन्हें एरियर्स सहित लाभ दिया जाए।
दरअसल, मध्य प्रदेश में पेंशनरों को 20 प्रतिशत अतिरिक्त पेंशन 80 वर्ष की आयु पूरी होने के एक माह बाद से दी जाती थी, जबकि नियम 80 वर्ष का है।
एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष आमोद सक्सेना ने बताया कि 80 वर्ष की उम्र में प्रवेश के समय से 20 प्रतिशत अतिरिक्त पेंशन का लाभ दिए जाने के लिए ग्वालियर उच्च न्यायालय में एक रिट याचिका दायर की गई थी। कोर्ट ने इस मामले में पेंशनरों के पक्ष में निर्णय दिया था।
इस निर्णय के खिलाफ सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर की थी, जिसे 17 सितंबर 2024 को खारिज कर दिया गया।
इसके बाद, 20 मार्च 2025 को पुनर्विचार याचिका भी निरस्त कर दी गई।
एसोसिएशन के संरक्षक गणेश दत्त जोशी ने कहा कि जब सुप्रीम कोर्ट का निर्णय हो चुका है, तो पात्र पेंशनरों को अलग-अलग न्यायालयों में याचिका लगाने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि इस निर्णय को सभी पात्र पेंशनरों पर समान रूप से लागू किया जाए।

