बुलंद सोच, भोपाल।

बालाघाट के बैगा आदिवासी बहुल क्षेत्रों में कुपोषण, खसरा और मलेरिया से 26 बच्चों की मृत्यु के बाद 67 नए चिकित्सा अधिकारियों की पदस्थापना की गई है।
उप मुख्यमंत्री (स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा) राजेंद्र शुक्ल ने रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये जिले की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने शत-प्रतिशत टीकाकरण तथा प्रत्येक गर्भवती महिला का समय पर पंजीयन और जांच कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं का नियमित फॉलोअप करने, उन्हें उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में उपचार और प्रसव की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री ने शत-प्रतिशत संस्थागत प्रसव सुनिश्चित करने तथा जोखिम वाली महिलाओं को समय रहते भर्ती कराने को कहा। इसके अतिरिक्त, दूरस्थ क्षेत्रों में प्रसव प्रतीक्षा गृह की व्यवस्था को प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए गए।
श्री शुक्ल ने कर्मचारियों के प्रभावी उपयोग, चिकित्सकों और स्वास्थ्य अधिकारियों की मैदानी उपस्थिति पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से क्षेत्र भ्रमण कर अमले की कार्यप्रणाली की समीक्षा करने, शत-प्रतिशत टीकाकरण के लिए किराये के कर्मचारियों का उपयोग करने तथा कुपोषित बच्चों की पहचान कराने को कहा।
बालाघाट में जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. विजय शाह ने स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि अधीक्षक छात्रावास में नहीं मिला, तो अगले दिन उसे कार्यमुक्त कर दिया जाएगा।

