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2026-10-17

भोपाल में अगस्त में डेंगू के मामले दोगुने से अधिक, स्वास्थ्य विभाग चिंतित

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, भोपाल।

राजधानी भोपाल में लगातार हो रही मानसूनी बारिश ने मच्छरों से होने वाली बीमारियों का खतरा काफी बढ़ा दिया है। इस साल अगस्त महीने में डेंगू और चिकनगुनिया के मामलों में अचानक भारी उछाल देखने को मिला है।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल अगस्त की तुलना में इस साल डेंगू के मरीजों की संख्या दोगुनी से भी ज्यादा हो गई है। जलभराव के कारण मच्छरों का लार्वा तेजी से पनप रहा है, जिसने नगर निगम और स्वास्थ्य महकमे की चिंता बढ़ा दी है।
जिला मलेरिया कार्यालय (DMO) से मिले आंकड़ों के अनुसार, 25 अगस्त तक शहर में डेंगू के 22 पॉजिटिव मरीज मिल चुके हैं, जबकि पिछले साल अगस्त की इसी अवधि में यह आंकड़ा सिर्फ 9 था। इस प्रकार, डेंगू के मामले करीब 2.4 गुना बढ़ गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने इस साल टेस्टिंग में भी तेजी दिखाई है; पिछले साल अगस्त में 639 टेस्ट हुए थे, जबकि इस बार 1,400 लोगों की जांच की गई है।
इसके अलावा, चिकनगुनिया के मामले भी दोगुने हो गए हैं; पिछले साल अगस्त में चिकनगुनिया के मात्र 4 केस थे, जो इस बार बढ़कर 8 हो गए हैं।

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वार्षिक आंकड़े दे रहे थोड़ी राहत

भले ही अगस्त के महीने में मरीजों की संख्या चिंताजनक लग रही हो, लेकिन अगर 1 जनवरी से 25 अगस्त तक के ओवरऑल आंकड़ों को देखें, तो स्थिति नियंत्रण में नजर आती है।
इस साल अब तक डेंगू के कुल 71 मामले दर्ज किए गए हैं, जो पिछले साल इसी अवधि में 63 थे।
सबसे बड़ी राहत चिकनगुनिया के ओवरऑल आंकड़ों में है; पिछले साल 25 अगस्त तक इसके 58 मरीज मिले थे, लेकिन इस साल यह संख्या घटकर मात्र 22 रह गई है।
इससे साफ है कि शहर में कोई बड़ी महामारी नहीं है, बल्कि यह हालिया बारिश का असर है।

खतरे बढ़ने के कारण और बचाव के तरीके

मामले बढ़ने की सबसे बड़ी वजह भारी मानसूनी बारिश और उसके बाद खाली प्लॉट, गमलों या छतों पर भरा बारिश का साफ पानी है, जो मच्छरों की ब्रीडिंग के लिए सबसे अनुकूल होता है। इसके साथ ही, इस साल स्वास्थ्य विभाग द्वारा ज्यादा सैंपलिंग और सर्विलांस भी मामलों के बढ़ने की एक वजह है।
नेशनल सेंटर फॉर वेक्टर बोर्न डिजीज कंट्रोल (NCVBDC) और स्थानीय डॉक्टरों ने शहरवासियों को हिदायत दी है कि घरों के आस-पास या छतों पर पानी जमा न होने दें।
बुखार या शरीर टूटने जैसे लक्षण दिखने पर खुद से दवा (self-medication) बिल्कुल न लें, बल्कि तुरंत डॉक्टर से संपर्क कर ब्लड टेस्ट करवाएं और पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें।