BREAKING NEWS

हिजाब विवाद: हाई कोर्ट ने एफआईआर निरस्त करने से किया इन्कार

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, जबलपुर।

उच्च न्यायालय ने दमोह के गंगा-जमुना हायर सेकेंडरी स्कूल में छात्राओं से कथित तौर पर अनिवार्य हिजाब पहनवाने और धार्मिक प्रथाएं लागू कराने के मामले में दर्ज प्राथमिकी (एफआईआर) निरस्त करने से इन्कार कर दिया है। न्यायमूर्ति हिमांशु जोशी की एकलपीठ ने स्कूल के पूर्व पदाधिकारी शैलेन्द्र कुमार जैन, अब्दुल वसीम बारी, शिक्षक अनास अतहर और चपरासी रुस्तम अली द्वारा दायर याचिकाएं खारिज कर दीं।

Advertisement

आरोपों को निराधार नहीं कहा जा सकता

न्यायालय ने कहा कि प्राथमिकी में छात्रों से कथित तौर पर खास ड्रेस कोड और धार्मिक प्रथाओं का पालन कराए जाने का स्पष्ट उल्लेख है। न्यायालय के अनुसार, याचिकाकर्ताओं पर लगे आरोपों को पहली नजर में निराधार नहीं कहा जा सकता। आरोप है कि यह छात्रों की इच्छा के विपरीत धमकी और दबाव के जरिए लागू किया गया था। न्यायालय ने यह भी कहा कि आरोपों की सच्चाई का निर्धारण साक्ष्यों के आधार पर किया जाना आवश्यक है।

जांच का आधार और आरोपपत्र

उल्लेखनीय है कि स्कूल के पोस्टर में हिंदू छात्राओं को हिजाब में दिखाए जाने के बाद सरकार ने मामले की जांच के निर्देश दिए थे। छात्राओं की शिकायतों पर कलेक्टर ने एक जांच कमेटी का गठन किया था। जांच के बाद पुलिस ने धारा 295-ए, 120-बी व 506 (भारतीय दंड संहिता), किशोर न्याय अधिनियम और मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम, 2021 के तहत प्रकरण दर्ज किया। स्कूल में हिजाब अनिवार्य करने, तिलक-कलावा पर रोक तथा उर्दू और नमाज अनिवार्य करने के आरोप भी लगाए गए हैं। इस मामले में आरोपपत्र दाखिल हो चुका है।