बुलंद सोच, दतिया।

दतिया मेडिकल कॉलेज में नर्सिंग सुपरिंटेंडेंट के एक पद पर हुई नियुक्ति को लेकर मध्यप्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। डिवीजन बेंच ने चयनित अभ्यर्थी एसएमटी विजी अवस्थी की रिट अपील को खारिज करते हुए एकल पीठ के उस आदेश को बरकरार रखा है, जिसमें उनकी नियुक्ति निरस्त की गई थी।
कोर्ट के इस फैसले के बाद प्रतीक्षा सूची में शामिल अभ्यर्थी की नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है। यह मामला 3 अक्टूबर 2018 को नर्सिंग सुपरिंटेंडेंट के एक पद के लिए जारी विज्ञापन से जुड़ा है।
चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद 8 मई 2019 को परिणाम सूची जारी की गई थी। इस सूची में विजी अवस्थी ने 79 अंक प्राप्त कर चयन सुनिश्चित किया था, जबकि 75 अंक प्राप्त करने वाली प्रतिवादी नंबर-8 को प्रतीक्षा सूची में रखा गया था।
चयन प्रक्रिया को चुनौती देते हुए प्रतीक्षा सूची वाली अभ्यर्थी ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। इस याचिका में विजी अवस्थी की शैक्षणिक योग्यता के साथ-साथ उनकी आयु को लेकर भी आपत्ति उठाई गई थी।
मामले में यह सामने आया कि निर्धारित कटऑफ डेट 1 जनवरी 2019 को विजी अवस्थी की उम्र 46 साल 9 महीने 4 दिन थी। वहीं, सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) के 13 जनवरी 2016 के सर्कुलर के अनुसार, महिला उम्मीदवारों के लिए अधिकतम आयु सीमा 45 वर्ष निर्धारित थी।
याचिका में यह आपत्ति भी की गई थी कि विजी अवस्थी को पीएचडी के लिए 10 अतिरिक्त अंक दिए गए थे, जबकि नर्सिंग सुपरिंटेंडेंट के पद के लिए पीएचडी अनिवार्य योग्यता नहीं थी।
डिवीजन बेंच ने अपने फैसले में कहा कि निर्धारित आयु सीमा चयन प्रक्रिया में शामिल होने की बुनियादी पात्रता है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि केवल चयन प्रक्रिया में शामिल हो जाने से अधिक आयु वाला अभ्यर्थी पात्र नहीं हो जाता।
कोर्ट ने निर्धारित आयु सीमा से अधिक उम्र होने के आधार पर विजी अवस्थी की रिट अपील को खारिज कर दिया। इसके साथ ही एकल पीठ के नियुक्ति निरस्त करने के आदेश को भी बरकरार रखा गया। अब चयन सूची में अगली पात्र अभ्यर्थी, यानी प्रतीक्षा सूची में शामिल प्रतिवादी नंबर-8 की नियुक्ति पर आगे की कार्रवाई का रास्ता खुल गया है।

