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2026-08-12

विकसित भारत के लिए Gen Z को संस्कार और नवाचार का संगम अपनाना होगा: स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, उज्जैन।

महर्षि सांदीपनि राष्ट्रीय वेदविद्या प्रतिष्ठान, उज्जैन में रविवार शाम को ‘भारतीय दृष्टि में Gen Z’ विषय पर एक विशेष व्याख्यान आयोजित किया गया। इस व्याख्यान में वरिष्ठ संत स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए Gen Z को भारतीय संस्कारों और नवाचार का संगम अपनाना होगा। स्वामी ब्रह्मचारी ने बताया कि स्मार्टफोन, सोशल मीडिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के युग में पली-बढ़ी Gen Z के सामने अपनी आधुनिक सोच को भारतीय मूल्यों से जोड़ना सबसे बड़ी चुनौती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यदि युवा तकनीक के साथ अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहें, तो यही पीढ़ी भारत के भविष्य की दिशा तय कर सकती है। इस कार्यक्रम में आधुनिक युवा पीढ़ी की सोच, वैदिक मूल्यों, कर्तव्यबोध, नवाचार और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर गहन मंथन हुआ। युवा चेतना के राष्ट्रीय संयोजक रोहित कुमार सिंह ने भी युवाओं से अपनी ऊर्जा को राष्ट्रहित और सकारात्मक बदलाव की दिशा में लगाने का आह्वान किया।

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भारतीय ज्ञान परंपरा का महत्व

स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने स्पष्ट किया कि भारतीय ज्ञान परंपरा युवाओं को जीवन के हर पड़ाव पर मार्गदर्शन देती है। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संस्कार, कर्तव्य, आचरण और समाज के प्रति जिम्मेदारी की एक व्यापक जीवन पद्धति है। उन्होंने आदि शंकराचार्य और स्वामी विवेकानंद का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे इन महापुरुषों ने भारतीय ज्ञान और आध्यात्मिक चेतना को विश्व पटल पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। स्वामी जी ने युवाओं को प्रह्लाद, अभिमन्यु और श्रवण कुमार जैसे पौराणिक चरित्रों से साहस, कर्तव्य और संस्कार की प्रेरणा लेने की सलाह दी।

आत्म-निर्भरता और डिजिटल सावधानी

स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने युवाओं से किसी अन्य संस्कृति की नकल न करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि भारत के पास अपनी समृद्ध ज्ञान परंपरा और प्रतिभा है, और युवाओं को अपनी क्षमता पहचानकर ऐसी उपलब्धियां हासिल करनी चाहिए कि दुनिया भारत की ओर देखे। उन्होंने डिजिटल युग में सावधानी और जिम्मेदारी पर भी जोर देते हुए कहा कि तकनीक का उपयोग समाज और राष्ट्रहित में हो, तथा युवा डिजिटल ब्लैकमेलिंग जैसी घटनाओं के प्रति जागरूक रहें। रोहित कुमार सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि भारत की युवा आबादी देश की सबसे बड़ी ताकत है।