बुलंद सोच, ग्वालियर।

उपनगर ग्वालियर में कांवड़ यात्रा में शामिल होने जा रहे युवकों पर मुस्लिम समाज के लोगों ने हमला कर दिया। यह घटना तब हुई जब युवक अपने दोस्त का इंतजार कर रहे थे।
हमलावरों ने पहले अर्टिगा कार से एक युवक को टक्कर मारी। युवक को चोट लगने पर उसके साथियों द्वारा विरोध करने पर अर्टिगा में सवार मुस्लिम युवक और उनके साथियों ने हमला कर दिया।
हमलावरों के घर आसपास होने के कारण पूरा मोहल्ला इकट्ठा हो गया और हिंदू युवकों पर हमला किया गया। हमले में तलवार और हथौड़े से सिर पर वार किया गया तथा पथराव भी किया गया।
हमले में एक युवक के सिर में 18 टांके आए हैं। हमलावरों ने विवेक यादव के गले में पहनी सोने की चेन भी लूट ली।
उपनगर ग्वालियर के घासमंडी निवासी विवेक यादव अपने साथी शुभम यादव के साथ कांवड़ यात्रा में शामिल होने के लिए दोस्त जोगेंद्र का इंतजार कर रहे थे। कांवड़ यात्रा उस समय कुछ दूरी पर थी।
इसी दौरान अर्टिगा कार में सवार होकर अरशद खान, गोलू खान, अकील खान और बंटू खान निकले। उन्होंने विवेक को टक्कर मार दी, जिससे उसे चोट लगी। जब उसके दोस्तों ने टोका तो ये हमलावर हो गए और उनके साथी भी आ गए।
हिंदू संगठनों का विरोध और पुलिस कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल और अन्य हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता तुरंत ग्वालियर थाने पर पहुंच गए। आधी रात तक ग्वालियर थाने पर हंगामा चलता रहा।
हिंदू संगठनों द्वारा थाने का घेराव किए जाने के बाद देर रात इस मामले में पुलिस ने एफआईआर दर्ज की।
विश्व हिंदू परिषद के मध्यभारत प्रांत के उपाध्यक्ष पप्पू वर्मा और जिला अध्यक्ष संदीप मित्तल ने कहा कि हिंदू युवकों पर हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने घटना स्थल पर खुले में मांस बिकने का भी उल्लेख किया।
विहिप नेताओं ने इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की और चेतावनी दी कि यदि सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन विरोध प्रदर्शन करेगा।
एसएसपी धर्मवीर सिंह ने बताया कि कांवड़ यात्रा में शामिल होने जा रहे युवकों पर हुए हमले के आरोपितों पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है और आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा।
घटना के बाद शहर के सभी प्रमुख थानों के थाना प्रभारी और पूरे शहर का पुलिस बल ग्वालियर और बहोड़ापुर में तैनात किया गया। रात को एफआईआर होने तक पुलिस अधिकारी और काफी संख्या में हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता मौके पर मौजूद रहे।
क्षेत्र में खुले में मांस बिक्री का मुद्दा
उपनगर ग्वालियर में घासमंडी और मछली मंडी ऐसे इलाके हैं जहां खुलेआम मांस की बिक्री होती है। यहां नॉनवेज के ठेले और स्टाल पर लोग खुले में शराब पीते हैं, जिससे अक्सर विवाद की स्थिति बनती है।
इन इलाकों में खुले में मांस बेचने वाले अधिकांश मुस्लिम समाज के लोग होते हैं, जो रोकने पर आम लोगों के साथ अभद्रता और मारपीट पर उतारू हो जाते हैं।
पुलिस-प्रशासन खुले में मांस बिक्री पर रोक लगाने में नाकाम रहा है, जिसके चलते ऐसी घटनाएं होती हैं। पुलिस की लगातार गश्त से गुंडागर्दी करने वालों पर कार्रवाई कर घटनाओं को रोका जा सकता है।

