BREAKING NEWS
2026-08-10

सीहोर कोर्ट ने अवैध बांग्लादेशी नागरिक इरशाद को 7 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, सीहोर।

मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में बिना वैध दस्तावेज के अवैध रूप से रह रहे एक बांग्लादेशी नागरिक को जिला सत्र न्यायालय ने सात साल के सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।

Advertisement

वह पकड़े जाने से 29 साल पहले बांग्लादेश से भारत में आया था।

अपर लोक अभियोजक रेखा चौरसिया के मुताबिक, सीहोर कोतवाली पुलिस ने शहर के इंदिरा नगर टप्पर क्षेत्र में 27 अप्रैल 2025 को 44 वर्षीय बांग्लादेशी नागरिक इरशाद को पकड़ा था। वह भारत में प्रवेश और प्रवास के लिए कोई भी दस्तावेज, वीजा या पासपोर्ट नहीं दिखा पाया।

जांच में पता चला कि वह 15 साल की उम्र में बांग्लादेश से बिना किसी दस्तावेज के अजमेर आ गया था और वहां 15-16 साल तक रहा।

इसके बाद वह मध्य प्रदेश में आकर रहने लगा था, जहां पहले सीहोर के लुनिया मोहल्ले में पांच साल रहा और फिर छह सालों से इंदिरा नगर टप्पर में निवास कर रहा था।

सीहोर के प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत ने उसे भारत में अवैध रूप से प्रवेश और निवासरत रहने का दोषी पाया।

पुलिस ने इरशाद को गिरफ्तार कर तलाशी में बांग्ला भाषा में एक बांग्लादेशी जन्म प्रमाणपत्र और माता-पिता के पहचान पत्र की फोटोकॉपी जब्त की।

पुलिस ने बांग्ला भाषा विशेषज्ञ लालमोहन हलदार की मदद से इन दस्तावेजों का अनुवाद कराया, जिससे पता चला कि वह बांग्लादेश के निलफामारी शहर का निवासी है, जो भारतीय सीमा से लगा हुआ जिला है।

आरोपित इरशाद के पास से सीहोर जिले के पते पर बने आधार कार्ड, पैन कार्ड और समग्र आईडी मिलीं।

पुलिस ने दस्तावेजों के साथ उसका मोबाइल भी जब्त किया था और जांच में पता चला कि स्वयं को भारतीय नागरिक दर्शाने के लिए उसने अपना आधार कार्ड, पैन और समग्र आईडी बनवाई थी तथा भारतीय नागरिक बताकर ही रह रहा था।