बुलंद सोच, इंदौर।

पलासिया पुलिस ने सस्ती दर पर यूएसडीटी (टेथर डिजिटल करेंसी) दिलाने का झांसा देकर सात लाख रुपये की लूट करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक वकील भी शामिल है।
पुलिस के अनुसार, एमआईजी क्षेत्र निवासी फरियादी अभय तिवारी ने अपने परिचित हर्ष, जो जबलपुर के निवासी हैं, को कम कीमत पर यूएसडीटी उपलब्ध कराने का भरोसा दिया था। इस सौदे के लिए हर्ष सात लाख रुपये लेकर इंदौर पहुंचे थे।
अभय अपने दोस्त साफिन के साथ पलासिया क्षेत्र में कथित विक्रेताओं से मिलने पहुंचे। अपना स्वीट्स के समीप रुपये गिनने के दौरान अचानक दो युवक वहां आए और खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताया। उन्होंने डिजिटल करेंसी के अवैध लेनदेन का आरोप लगाकर अभय और साफिन को धमकाया और पलासिया थाने ले जाने की बात कही।
कार्रवाई के डर से घबराए अभय और साफिन ने सात लाख रुपये उन आरोपियों को सौंप दिए। इसके बाद बदमाश तुरंत मौके से फरार हो गए।
इस घटना की जानकारी मिलने पर हर्ष ने पलासिया थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ लूट का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने सबसे पहले सिद्धार्थ को गिरफ्तार किया। उससे की गई पूछताछ के आधार पर पुलिस ने गिरोह के तीन अन्य सदस्यों को भी दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपियों में एक वकील भी है, जिसने पूरी साजिश में एक अहम भूमिका निभाई थी।
अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त जोन-3 ओमप्रकाश ने बताया कि इस मामले में अभी भी एक आरोपी फरार है, जिसकी तलाश जारी है। साथ ही लूटी गई सात लाख रुपये की नकदी बरामद करने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस गिरोह ने पहले भी इसी तरह की वारदातें की हैं। पुलिस का मानना है कि आरोपी पहले लोगों को डिजिटल करेंसी के नाम पर बुलाते थे और फिर खुद को पुलिस अधिकारी बताकर उन्हें डराने-धमकाने के बाद नकदी लूट लेते थे।
मामले की विस्तृत जांच जारी है। सभी गिरफ्तार आरोपी अवैध रूप से यूएसडीटी खरीदने और बेचने का काम भी करते थे।

