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2026-08-10

हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय: डीन प्रोफेसर भगवत जाति प्रमाण पत्र फर्जी पाए जाने पर निलंबित

bulandsochnews Senior News Reporter

बुलंद सोच, सागर।

सागर स्थित हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय ने बिजनेस मैनेजमेंट विभाग के प्रोफेसर श्री भगवत को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई उनकी नियुक्ति के दौरान अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग के लिए आरक्षित पद पर प्रस्तुत किए गए जाति प्रमाण पत्र की वैधता पर उठे सवालों के बाद की गई है।

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निलंबन आदेश में गंभीर अनियमितताएं सामने आने का उल्लेख किया गया है, जिसके बाद अनुशासनात्मक प्राधिकारी द्वारा विभागीय कार्रवाई शुरू की जाएगी। विश्वविद्यालय द्वारा गठित एक तथ्य-खोज समिति ने इस मामले में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की है।

समिति ने उपलब्ध दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच के बाद रिपोर्ट में कई महत्वपूर्ण निष्कर्ष शामिल किए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश के गोरखपुर निवासी प्रोफेसर भगवत की नियुक्ति 16 अप्रैल 2005 को अनुसूचित जाति आरक्षित पद पर हुई थी।

हालांकि, रिकॉर्ड में सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी वैध स्थायी एससी प्रमाण पत्र नहीं मिला। इसके अतिरिक्त, उनके द्वारा प्रस्तुत किए गए छत्तीसगढ़ के अनुसूचित जाति प्रमाण पत्र की संबंधित जारीकर्ता प्राधिकारी के रिकॉर्ड से पुष्टि नहीं हुई है। छत्तीसगढ़ से यह भी कहा गया है कि यह प्रमाण पत्र वहां से जारी नहीं हुआ है।

समिति की रिपोर्ट में सक्षम अधिकारियों से प्राप्त सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर यह भी उल्लेख किया गया है कि प्रोफेसर भगवत उत्तर प्रदेश की बिंद समुदाय से संबंधित हैं, जिसे वहां अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) श्रेणी में रखा गया है।

ऐसे में समिति ने यह माना है कि एससी आरक्षित पद पर उनकी नियुक्ति अमान्य या गलत दावे के आधार पर प्राप्त की गई है। समिति ने मामले में अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने की सिफारिश की है।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने निलंबन के पीछे यह तर्क भी दिया है कि प्रोफेसर भगवत वर्तमान में स्कूल ऑफ कॉमर्स एंड मैनेजमेंट के डीन हैं। उनके पद पर बने रहने से गवाहों को प्रभावित करने, सरकारी-विश्वविद्यालय रिकॉर्ड में हस्तक्षेप करने अथवा निष्पक्ष विभागीय जांच को प्रभावित करने की आशंका हो सकती है।

निलंबन आदेश के अनुसार, इस मामले में अंतिम निर्णय विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद द्वारा लिया जाएगा। जांच पूरी होने तक प्रोफेसर भगवत का मुख्यालय डॉ. हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय, सागर रहेगा।

प्रोफेसर भगवत का पक्ष

स्कूल ऑफ कॉमर्स एंड मैनेजमेंट के डीन प्रोफेसर श्री भगवत ने इस मामले में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उन्हें कभी भी आधिकारिक रूप से पक्ष रखने का अवसर नहीं दिया गया।

उन्होंने बताया कि 30 जुलाई को जांच समिति गठित की गई थी और 3 अगस्त को अंतिम रिपोर्ट जमा कर दी गई। प्रोफेसर भगवत ने इस पूरी कार्रवाई को प्रतिशोधात्मक बताया और आरोप लगाया कि कुलपति अपने निजी स्वार्थों के चलते यह कर रहे हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि वह इस पूरे मामले में जबलपुर उच्च न्यायालय की शरण लेंगे।